NIT के लिए भी 12वीं में 75% मार्क्स जरूरी

NIT The National Institutes of Technology are a group of premier federally-funded public engineering institutes in India.

NIT के लिए भी 12वीं में 75% मार्क्स जरूरी

अगले साल से एनआईटी (NIT) में ऐडमिशन लेने के लिए भी आईआईटी की तरह स्टूडेंट्स के 12वीं में 75 पर्सेंट मार्क्स होना जरूरी हो सकता है। एचआरडी मिनिस्ट्री ने यह सुझाव दिया है। इस पर सेंट्रल सीट ऐलोकेशन बोर्ड (सीसेब) जल्द ही फैसला ले सकता है। एचआरडी मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक मिनिस्ट्री के किसी भी सुझाव को आमतौर पर सीसेब स्वीकार कर लेता है।

मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक 2017 से जेईई एग्जाम में 12वीं के एग्जाम का 40 पर्सेंट वेटेज खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही मिनिस्ट्री की तरफ से कहा गया है कि एनआईटी के लिए मिनिमम क्वॉलिफिकेशन बढ़ाई जाए।

अभी जेईई एग्जाम में रैंक हासिल करने के बाद भी किसी आईआईटी में ऐडमिशन के लिए स्टूडेंट के 12वीं में एक तय लिमिट से ज्यादा मार्क्स होने जरूरी हैं। जनरल कैटिगरी के स्टूडेंट्स के लिए यह 75 पर्सेंट है। वहीं एससी-एसटी कैटिगरी के लिए 70 पर्सेंट।

इसी तरह अब तक एनआईटी में ऐडमिशन के लिए जेईई की रैंकिंग के साथ ही जनरल कैटिगरी के स्टूडेंट के 12वीं में 70 पर्सेंट और एससी-एसटी कैटिगरी के स्टूडेंट्स के लिए 65 पर्सेंट मार्क्स होना मिनिमम क्वॉलिफिकेशन है। अब एचआरडी मिनिस्ट्री चाहती है कि एनआईटी में ऐडमिशन के लिए भी आईआईटी की तरह 75 पर्सेंट और 70 पर्सेंट मार्क्स को मिनिमम क्वॉलिफिकेशन बनाया जाए।

गौरतलब है कि जेईई मेन्स एग्जाम में हर साल करीब 12 लाख स्टूडेंट्स बैठते हैं और उनमें से करीब 2 लाख स्टूडेंट्स जेईई अडवांस दे पाते हैं। जेईई अडवांस की रैंकिंग से आईआईटी में ऐडमिशन मिलता है और जेईई मेन्स की रैंकिंग से एनआईटी में ऐडमिशन दिया जाता है।

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