HRD मंत्रालय की परफॉर्मेंस खराब

mhrd.gov.in शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय
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HRD मंत्रालय की परफॉर्मेंस खराब

पीएमओ की समीक्षा के कई महीनों बाद नीति आयोग की पड़ताल में पता चला है कि मानव संसाधन विकास (HRD मंत्रालय) मंत्रालय कई मोर्चों पर काम को अंजाम देने में पिछड़ रहा है। विशेष तौर पर स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट मे ज्यादा कुछ नहीं बदला है।

आयोग ने पाया है कि मंत्रालय तय वक्त पर योजनाओं पर काम नहीं कर पा रहा है और स्कूल एजुकेशन में 32 में से 15 ऐक्शन प्लान पर तो काम अब तक शुरू भी नहीं हुआ है। कार्यसूची में सिर्फ तीन अजेंडों पर काम पूरा हुआ है, जबकि 22 पॉइंट्स पर काम चल रहा है।

पीएमओ के साथ मतभेदों को निपटाते हुए हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट का परफॉर्मेंस काफी बेहतर रहा है। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने पांच में से 2 कार्य सूची पर काम पूरा कर लिया है और एक अजेंडे पर काम चल रहा है।

आयोग ने बीते शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में सुझाव दिया कि नैशनल एजुकेशन पॉलिसी को ऐक्शन प्लान में कन्वर्ट किया जाना चाहिए। बैठक में आयोग के सीईओ अमिताभ कांत भी मौजूद थे। बैठक में लर्निंग लेवल को बेहतर करने पर फोकस करने, सटीक ऐक्शन प्लान बनाने और नतीजे आधारित आइडिया पर काम करने की जरूरत महसूस की गई।

बैठक में एजुकेशन सेक्टर के स्टेटस रिपोर्ट पर चर्चा हुई। इसमें क्लास 1 से 8 तक मिनिमम ग्रेड के आधार पर लर्निंग गोल, नो-डिटेंशन पॉलिसी पर फैसले में तेजी और टीचर्स की एजुकेशन की शर्तों पर संतोषजनक प्रगति नहीं होने की बात कही गई।

इसके मुताबिक, स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट स्टूडेंट्स द्वारा टीचर्स के आकलन, टीचर्स को टेक्नोलॉजी आधारित सर्विस ट्रेनिंग, हेडमास्टर्स की ट्रेनिंग आदि मोर्चे पर समयसीमा के मुताबिक काम नहीं कर पाया। नीति आयोग के सूत्रों ने ईटी को बताया कि स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की कई कार्य योजनाओं पर काम अब भी जारी है, जबकि इनकी समयसीमा खत्म होने पर है।

स्रोत : नवभारत टाइम्स

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