बैंक परीक्षा सफलता के पांच स्‍वर्णिम सूत्र Five Success Mantras for Cracking the Bank Exam

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बैंक परीक्षा सफलता के पांच स्‍वर्णिम सूत्र Five Success Mantras for Cracking the Bank Exam

देश में बैंकिंग सिस्‍टम में सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में स्‍नातक स्‍तर के अभ्‍यर्थियो के बेहतरीन अवसर हैं। एक अनुमान के अनुसार अगले पांच सालों में करीब साढ़े सात लाख नए युवक यु‍वतियों को बैंक परीक्षा से Bank Exam नौकरी का अवसर मिलेगा।

अवसर होने के बावजूद इस परीक्षा के लिए कठिन चुनौती मिलना तय है। परीक्षा में बैठने वाले 100 अभ्‍यर्थियों में से मात्र 2 प्रतिशत ही इसे पास कर पाते हैं।

बैंक परीक्षा का सबसे कड़ा दौर एलीमिनेशन राउंड ही होता है, जिसमें एप्‍टीट्यूड टैस्‍ट लिया जाता है। इसे मात्र पांच से दस प्रतिशत छात्र ही पास हो पाते हैं।

यहां हम बात करेंगे उन पांच सूत्रों की, जिन्‍हें फॉलो करने पर आपके लिए परीक्षा में पास होना अधिक संभव हो पाएगा। ये पांच सूत्र हैं खुद को पहचानना, परीक्षा को पहचानना, प्रशिक्षण प्राप्‍त करना, अभ्‍यास करना और परीक्षा देना।

खुद को पहचानना

परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले या फिर एक या दो बार बहुत अधिक तैयारी करने के बाद विफल रहने के बाद कई अभ्‍यर्थियों को लगता है कि वे एप्‍टीट्यूट टैस्‍ट में आने वाले प्रश्‍नों का हल जानते हैं या प्रश्‍नों का हल कर सकते हैं, लेकिन यह पर्याप्‍त नहीं है। परीक्षा की तैयारी में न केवल प्रश्‍नों का सटीक उत्‍तर देना होता है, बल्कि तय समय अवधि का भी ध्‍यान रखना होता है। कुल जमा 250 सवालों को हल करने के लिए आपको मात्र 150 मिनट मिलते हैं, यानी तकनीकी तौर पर हर सवाल के लिए आपके पास मात्र 36 सेकेण्‍ड का समय होता है।

अब अगर आप जानते हैं कि सवाल कैसे हल करना है तो आप एक सीढ़ी चढ़ जाते हैं, लेकिन लक्ष्‍य तक पहुंचने के लिए यह जानना भी जरूरी है कि आप कितनी तेजी से उन सवालों को हल कर पाते हैं।

इस चुनौ‍ती का सामना करने का एक ही तरीका है, स्‍टॉप वॉच लेकर मॉक टैस्‍ट करना। जितनी बार आप यह टैस्‍ट अपने स्‍तर पर पूरा कर पाएंगे, आपके लिए चुनौती आसान होती जाएगी। ध्‍यान रखें केवल जानना ही जरूरी नहीं है, बल्कि प्रश्‍नपत्र को तेजी से हल करना भी जरूरी है।

परीक्षा को जानना

आधारभूत विषयों में हो सकता है आपकी पकड़ बहुत अच्‍छी हो, ऐसे में आपने प्रश्‍नों को देखा और हल करना शुरू कर दिया। फर्ज कीजिए आपकी अंग्रेजी बहुत अच्‍छी है और आपने उसके सभी सवाल हल कर दिए। ऐसे में आपके पास अंग्रेजी में तो अच्‍छे नम्‍बर हैं, लेकिन परीक्षा में सभी पांच सेक्‍शन में कम से कम पासिंग मार्क्‍स होने जरूरी हैं। ऐसे में आप किसी भी एक सेक्‍शन में कम नम्‍बर आने पर बाहर हो सकते हैं। ऐसे में परीक्षा से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि परीक्षा का गेम किस प्रकार बनाया गया है। हर सेक्‍शन की तैयारी के साथ यह ध्‍यान रखना भी जरूरी है कि कम से कम कट ऑफ मार्क्‍स से ऊपर ही रहें। ताकि बहुत अच्‍छा पेपर सॉल्‍व करने के बाद भी आप किसी एक विषय के कारण परीक्षा से बाहर न हो जाएं।

इस बाबत ध्‍यान रखने के चार महत्‍वपूर्ण बिंदू हैं, पहला हर सेक्‍शन के क्‍वालिफाइंग मार्क्‍स कितने हैं, दूसरा नेगेटिव मार्क्‍स किस प्रकार हैं, तीसरा कठिन प्रश्‍न और उनका सामना करने की स्‍ट्रैटर्जी और चौथा इन सभी प्रश्‍नों का हल करते समय टाइम मैनेजमेंट। ऐसी परीक्षाओं के लिए पूर्व में जिन लोगों के पास अनुभव है, उनसे गाइडेंस लेना लाभप्रद रहता है।

प्रोफेशनल कोचिंग

यह स्‍पष्‍ट तथ्‍य है कि किसी अभ्‍यर्थी के सलेक्‍शन में कोचिंग की कोई खास भूमिका नहीं होती है, इसके बावजूद कोचिंग संस्‍थान में आपको एक्‍सपर्ट की राय मिलती है, साथियों से विषय के बारे में अतिरिक्‍त जानकारी मिलती है और कुछ सवाल ऐसे हो सकते हैं, जिन्‍हें आप कोचिंग में जाने पर ही हल करने के रास्‍ते खोज पाएं। हो सकता है कोचिंग से आपको 10 या 20 अतिरिक्‍त नम्‍बर मिलने में ही मदद मिल रही हो, फिर भी आपको कोचिंग अवश्‍य ज्‍वाइन करनी चाहिए, क्‍योंकि आने वाले दिनों में बैंकिंग नौकरियों के लिए होने वाली गलाकाट प्रतिस्‍पर्द्धा में जब एक एक नम्‍बर काउंट हो रहा होगा, तब ये अतिरिक्‍त दस या बीस नम्‍बर आपको प्रतियोगिता में बनाए रखने में मदद करेंगे।

अभ्‍यास

अभ्‍यास अभ्‍यास अभ्‍यास, इसका कोई विकल्‍प नहीं है। आपने अगर पूर्व में पढ़ रखा है, अभी हाल ही में पढ़ा है तो भी आपको किसी भी विषय को अभ्‍यास से किसी भी सूरत में दूर नहीं करना चाहिए। इस सूत्र के लिए आप सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देख सकते हैं। दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज होने के बाद भी उसने कभी अभ्‍यास नहीं रोका। इसी कारण वह क्रिकेट का भगवान बन पाया।

हां, यह अभ्‍यास दिशाहीन नहीं होना चाहिए। आपको एक टाइम टेबल और विषयों का विभाजन पहले से तय करना होगा, चाहें इसे लचीला बनाएं, लेकिन एक शिड्यूल होना चाहिए और आपको उसे फॉलो करते हुए निरंतर अभ्‍यास करना चाहिए। इसमें अध्‍ययन के साथ मॉक टैस्‍ट के शिड्यूल भी होने चाहिए।

परीक्षा देना

अगर आपने सही तरीके से तैयारी की है तो परीक्षा आपके लिए आनन्‍द का क्षण बन सकती है। जब तक तैयारी करें एक मुकम्‍मल सपने को जिएं और जब परीक्षा हो तब उस सपने को पूरा होते हुए देखें। सफलता प्राप्‍त करने का इससे बड़ा और कोई मंत्र नहीं है।

आपकी आगामी सफलता के लिए शुभकामनाएं।

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