70 लाख का घपला

Education Directorate Bikaner Shiksha nideshalay

करनी थी सेवा समाप्त, किया कार्यमुक्त, 70 लाख का घपला

तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2013 में गृह जिले में चयनित हुए बाड़मेर में पदस्थापित शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के मामले में चौहटन, शिव, धोरीमन्ना सिणधरी बीईईओ की ओर से गंभीर वित्तीय अनियमितताएं बरतने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की जांच रिपोर्ट में 25 शिक्षकों को नियम विरुद्ध पद से रिलीव कर विभाग में 70 लाख रुपए का घपला कर दिया।

इस मामले को निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने गंभीरता से लेते हुए डीईओ बाड़मेर को चार बीईईओ के खिलाफ 16 सीसीए के तहत कार्रवाई के आदेश दिए है।

गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती 2012 में सीकर, अलवर, हनुमानगढ़, जयपुर के अभ्यार्थियों का शिक्षक पद पर चयन होने पर जिले की स्कूलों में नियुक्तियां दी गई। एक साल तक नौकरी करने के बाद इन शिक्षकों ने 2013 की भर्ती में गृह जिले में शिक्षक भर्ती परीक्षा दी और वहां चयन हो गया था। इसके बाद चार बीईईओ ने शिक्षकों से इस्तीफे लेकर सेवाएं समाप्त करने की बजाय इनको कार्यमुक्त कर सेवा परिलाभ दिया गया।

शिक्षक भर्ती 2013 में बाड़मेर में पदस्थापित विभिन्न जिलों के शिक्षकों ने गृह जिले में परीक्षा दी और चयन हो गया। राजस्थान सेवा नियमों के तहत समान पद पर चयन होने की स्थिति में सेवा परिलाभ देने का प्रावधान नहीं है। बीईईओ चौहटन, शिव, सिणधरी धोरीमन्ना ने इन शिक्षकों से सांठ गांठ कर सेवाएं समाप्त करने की बजाय कार्यमुक्ति के आदेश जारी कर दिए।

नियोक्ता को अंतिम वेतन भुगतान पत्र जारी करने से उन्हें सेवाकाल,वेतन वृद्धि,वरिष्ठता वेतन स्थरीकरण का लाभ दिया गया। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में चार ब्लॉक की स्कूलों से 25 शिक्षकों को बीईईओ से कार्य मुक्त किया। इससे विभाग को 70 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निर्देश पर डीईओ बाड़मेर ने चारों बीईईओ को आदेश जारी कर नियम विरुद्ध वरिष्ठता, वेतन स्थिरीकरण वेतन वृद्धि का लाभ देते हुए अंतिम वेतन भुगतान पत्र एवं उनका सेवा अभिलेख, अंतिम भुगतान पत्र को निरस्त करते हुए नए नियोक्ता से इसका सेवा अभिलेख, अंतिम भुगतान पत्र वाहक स्तर पर पुन:प्राप्त करते हुए अनियमित वेतन भुगतान वसूली की जाए। संबंधित बीईईओ को सात दिन में वसूली कार्रवाई नहीं करने पर राजस्थान सिविल सेवाएं नियम 1958 के नियम 16 के तहत विभागीय जांच की हिदायत दी है।

यूं दिया नियम विरुद्ध लाभ

तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में चयनित शिक्षकों को प्रोबेशन पीरियड में 13200 वेतन लाभ देने का प्रावधान है। नियुक्ति तिथि से सेवाकाल शुरू होने के आधार पर अन्य परिलाभ मिलते है। शिक्षकों की मूल पद से सेवाएं समाप्त नहीं होने से नई नियुक्ति के साथ सेवाएं निरंतर जारी होने से वेतन 30 से 35 हजार रुपए प्रति माह दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रोबेशन पीरियड में एक साल का फायदा मिलने के साथ अन्य परिलाभ दिए जा रहे हैं।

तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012 में नियुक्त शिक्षकों का तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2013 में गृह जिले में चयन होने पर वर्तमान पदस्थापना के स्थान से कार्यमुक्त करने के संबंध में हाईकोर्ट में सिविल रिट याचिका संख्या 2490 2015 सरोज अन्य बनाम सरकार 22 मई 2015 को दायर की गई।

कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले शिक्षकों को नए स्थान के लिए कार्यमुक्त करने का आदेश देते हुए नए स्थान पर उसकी वरिष्ठता कार्यग्रहण की दिनांक से मानी जाने उनकी सेवाओं का नियमितीकरण,फिक्सेशन वेतनवृद्धि आदि के लिए संबंध सेवा नियमों के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया है।


कार्रवाई के निर्देश दिए

शिक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में चयनित शिक्षकों के मूल पद से कार्यमुक्त करने के मामले में अनियमितताएं सामने आने पर डीईओ को कार्रवाई के आदेश दिए है। चार बीईईओ ने नियम विरुद्ध शिक्षकों को रिलीव किया।

-जगदीश चंद्रपुरोहित, निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा बीकानेर

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