हमारी बातचीत अभी शुरू हुई है और यह आगे जारी रहेगी

The Union Minister for Human Resource Development, Shri Prakash Javadekar speaking at a function at IIT, in New Delhi on July 15, 2016
The Union Minister for Human Resource Development, Shri Prakash Javadekar speaking at a function at IIT, in New Delhi on July 15, 2016. The Secretary, Department of Higher Education, Shri V.S. Oberoi is also seen.

हमारी बातचीत अभी शुरू हुई है और यह आगे जारी रहेगी

केन्‍द्रीय मानस संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने विद्यार्थी समुदाय से विचारों पर ध्‍यान केन्दित करके भारत का भाग्‍य बदलने का आहवान किया है। आई.आई.टी. दिल्‍ली के विद्यार्थियों और संकाय को आज संबोधित करते हुए उन्‍होंने यह बात कही। एच.आर.डी. मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद के‍न्‍द्रीय उच्‍च शिक्षा संस्‍थान में अपने पहले दौरे पर उन्होंने प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें संस्‍थान के शोध छात्रों के साथ बातचीत करके और यह जानकर कि उनमें से कई छात्र एक अच्‍छे शिक्षक बन सकते हैं, बेहद प्रसन्‍नता हुई।

अपने विचारों पर ध्‍यान देने से हम अपने देश का भाग्‍य बदल सकते हैं ‘मानव संसाधन विकास मंत्री ने दिल्‍ली आई.आई.टी. विद्यार्थियों से कहा कि ‘हमारी बातचीत अभी शुरू हुई है और यह आगे जारी रहेगी’

अपनी प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा कि ‘मैं हमारे प्रधानमंत्री को जाकर बताउंगा की यहां ऐसे कई छात्र हैं जो देश का भाग्‍य बदल देंगे। इस संदर्भ में उन्‍हें कहा कि देश और हमारे लोगों के लिए उनकी चिंता और बेहतर शिक्षा में विश्‍वास, भारत को बदलने के उनके विश्‍वास को दर्शाता है। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें यह जानकर प्रसन्‍नता हुई है कि छात्रावास के कुछ कमरों में र्स्‍टाट अप स्‍थापित है और उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि प्रत्‍येक कमरे में उत्‍कृष्‍ट विचारों के साथ र्स्‍टाट अप स्‍थापित होगा और हमारे देश के लिए अधिक से अधिक पूंजी पैदा होगी। आई.आई.टी. की महान परम्‍परा और सभी क्षेत्रों में आई.आई.टी. छात्रों के योगदानों की याद दिलाते हुए उन्‍होंने कहा कि आम लोगों की यह धारणा बिलकुल गलत है कि अधिकांश आई.आई.टी. विद्यार्थी विदेश जाकर काम करते हैं। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें बताया गया है कि 10 आई.आई.टी. छात्रों में से 7 भारत में रहकर काम करते हैं और समाज के विकास में योगदान करते हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार आई.आई.टी. को विश्‍व के श्रेष्‍ठ संस्‍थानों में स्‍थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी आई.आई.टी. में 2000 संकाय रिक्तियों का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें विश्‍वास है कि इसे उत्‍साह से भरें शोधकर्ताओं से भरा जा रहा है। उन्‍होंने आई.आई.टी. में शोध गुणवत्‍ता सुधारने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और उच्‍च्‍तर अविष्‍कार योजना और इम्‍प्रिंट जैसी योजनाओं का जिक्र किया। देश की तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए शोध संरचना में सुधार के लिए सरकार ने इम्‍प्रिंट योजना के अंतर्गत एक हजार करोड़ रूपये आंवटित किये हैं। शैक्षणिक समुदाय और उद्योगों के बीच वास्‍तविक भागीदारी को बढा़वा देने के लिए उच्‍चतर अविष्‍कार योजना के लिए 240 करोड़ रूपये की योजना तैयार की गई है। ग्रामीण भारत की चुनौतियों का समाधान करने के लिए नवाचार को बढा़वा देने के लिए उन्‍नत भारत अभियान भी इसी प्रकार की एक अन्‍य योजना है।

कार्यक्रम से पहले श्री जावडेकर को आई.आई.टी. दिल्‍ली और उसकी गतिविधियों से संबंधित एक प्रस्‍तुति दिखाई गई। अन्‍य सत्र में श्री जावडेकर ने प्रशासनिक प्रमुखों और विद्यर्थियों से बातचीत भी की। श्री जावडेकर ने आई.आई.टी. शोधकर्ताओं द्वारा किये गये नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनियों को भी देखा।

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