सरकारी स्कूल के बच्चों पर ही 5वीं बोर्ड परीक्षा देने की अनिवार्यता, इसलिए प्राइवेट में नहीं

सरकारी स्कूल के बच्चों पर ही 5वीं बोर्ड परीक्षा देने की अनिवार्यता, इसलिए प्राइवेट में नहीं

राजस्थान में पांचवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने दोहरे नियम बनाए हैं। जिसके चलते सरकारी स्कूल में पढ़ रहे पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को ही पांचवीं बोर्ड परीक्षा देने की अनिवार्यता लागू की गई है।

इस परीक्षा को प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर परीक्षा नाम दिया गया है जिससे निजी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों को इस परीक्षा से दूर रखा गया है। इस परीक्षा को देने के लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जो नियम बनाए हैं उसमें सरकारी स्कूल के बच्चों को ही पांचवीं कक्षा की परीक्षा देना अनिवार्य किया है जबकि निजी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को पांचवीं बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।

गत वर्ष आठवीं बोर्ड में भी ऐसा ही नियम

गत वर्ष आठवीं बोर्ड की परीक्षा में ऐसे ही नियम लागू किए गए थे जिससे निजी स्क्ूल में पढ़ रहे अधिकतर विद्यार्थियों ने आठवीं बोर्ड की परीक्षा नहीं दी थी। दरअसल यह परीक्षा ऐच्छिक होने के कारण अधिकतर निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने बोर्ड की परीक्षा नहीं दी थी।

साथ ही यह परीक्षा हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को ही परीक्षा देनी अनिवार्य थी। आठवीं बोर्ड की परीक्षा से अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को परीक्षा देने से दूर रखा गया था और उनके लिए यह परीक्षा अनिवार्य नहीं थी।

अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य आठवीं बोर्ड

शिक्षा विभाग ने अब नियम बदलते हुए अब अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए भी आठवीं बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य कर दिया हैं। गत वर्ष अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों पर आठवीं बोर्ड परीक्षा देने से बाहर रखा गया था लेकिन इस वर्ष इनके लिए इसे अनिवार्य कर दिया गया है।

आवेदन 10 नवम्बर तक

प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर परीक्षा पांचवीं बोर्ड और प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा आठवीं बोर्ड के लिए विद्यार्थी 10 नवम्बर तक परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। आठवीं बोर्ड के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूल के माध्यम से आवेदन करना होगा और पांचवी बोर्ड के परीक्षा फॉर्म सरकारी विद्यालयों में संस्था प्रधान के माध्यम से उपलब्ध होंगे।

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