सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ा रुझान

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सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ा रुझान – तेरह हजार व्याख्याताओं की होगी शीघ्र नियुक्ति- शिक्षा राज्यमंत्री

जयपुर : शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि प्रदेश में एक बार फिर से सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। गत वर्ष 15 लाख नये नामांकन के साथ सरकारी स्कूलों के परिणाम में भी 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

शिक्षा राज्यमंत्री भीलवाड़ा में राजेन्द्र मार्ग उच्च माध्यमिक विद्यालय के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्लेटिनम जुबली समारोह कार्यक्रम की श्रृंखला में गुरुवार को आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होना गौरव की बात है। जिस समाज में शिक्षकों का सम्मान होता है वह समाज उन्नति करता है, वे स्वयं भी 30 वर्ष तक शिक्षक रहे हैं। शिक्षकों का सम्मान हरदम बना रहना चाहिए।

शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति आई है। पाठ्यक्रमों में सकारात्मक बदलाव किये गये हैं। अब अकबर महान नहीं बल्कि महाराणा प्रताप की महानता को पढ़ाया जाता है साथ ही 200 महापुरुषों की जीवनी को भी पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से पाठ्यक्रम में एक नई पुस्तक भी जोड़ी जाएगी जिसमें स्वच्छता, जल स्वावलम्बन, कौशल विकास तथा भामाशाह योजना संबंधित जानकारियों को जोड़ा जाएगा। डिजिटल इण्डिया की तरफ कदम बढ़ाते हुए राज्य में कम्प्यूटर शिक्षा को भी प्राथमिकता प्रदान की जा रही है साथ ही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को ऑनलाईन करते हुए शाला दर्पण, शाला दर्शन आदि कार्यक्रमों के माध्यमों से विभाग को अपडेट रखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणामों में सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी है तथा मेरिट में आधे से ज्यादा विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से आये हैं। राज्य में भामाशाहों ने भी 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद सरकारी स्कूलों को की है जिससे शिक्षण व्यवस्था में सुधार आया है। सभी स्कूलों में छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक-पृथक शौचालयों का निर्माण किया गया है।

शीघ्र नियुक्त होंगे 13 हजार व्याख्याता

शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विद्यालयों में विभिन्न विषयों के 13 हजार नये व्याख्याताओं की नियुक्ति शीघ्र ही करदी जाएगी। उसके बाद किसी भी विद्यालय में व्याख्याताओं की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 2 वर्ष में 83 हजार शिक्षकों की पदोन्नति की गई है तथा 36 हजार नये अध्यापक नियुक्त किये गये हैं।  प्रो. देवनानी ने बताया कि 13 हजार द्वितीय श्रेणी के, 15 हजार तृतीय श्रेणी के तथा 5 हजार कनिष्ठ लिपिकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जारी है।

श्री देवनानी ने कहा कि शिक्षक अपने आचरण से विद्यार्थियों का दिल जीते। समर्पण भाव से शिक्षण कार्य करें तथा विद्यार्थियों का केरियर बनाने में मदद करें। उन्होंने छात्रों से भी गहनतापूर्वक अध्ययन करने तथा देश के लिये कुछ कर गुजरने का भाव जागृत करने की आवश्यकता जताई। शिक्षा राज्यमंत्री ने विद्यालय में संस्कृत विषय प्रारंभ करने के प्रति आश्वस्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री सुभाष बहेडिया ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने जो मार्गदर्शन दिया है उससे छात्रों को नई ऊंचाईयां छूने में मदद मिलेगी। उन्होंने विद्यालय विकास के लिये सांसद मद से 5 लाख रुपए प्रदान करने के लिए भी  आश्वस्त किया।

101 शिक्षकों को किया सम्मानित

राजेन्द्र मार्ग उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्लेटीनम जुबली समारोह में शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने सांसद श्री सुभाष बहेडिया तथा अतिथियों के साथ विद्यालय में पदस्थ रहे पूर्व तथा वर्तमान शिक्षकों को शाल, स्मृति चिन्ह तथा माल्यार्पण कर सम्मानित किया।

सम्मानित होने वालों में पूर्व शिक्षा उपनिदेशक सर्वश्री भंवर सिंह चौधरी, काशीलाल शर्मा, जगदीश पुरोहित, गुमानसिंह पीपाडा, तख्तसिंह कानावत, सत्यनारायण पारीक, जगदीश प्रसाद जाट, नन्दलाल सुवाल, योगेश पारीक, उषा लाहौटी, कल्पना गौतम सहित 101 सेवानिवृत एवं वर्तमान शिक्षक सम्मिलित थे।

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