शिक्षा विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री उप सलाहकार समिति की बैठक आयोजित-विद्यालय भवनों की जीपीएस मैपिंग करवाई जाएगी- शिक्षा राज्य मंत्री

vasudev devnani

शिक्षा विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री उप सलाहकार समिति की बैठक आयोजित, विद्यालय भवनों की जीपीएस मैपिंग करवाई जाएगी- शिक्षा राज्य मंत्री

जयपुर। सर्व शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा अभियान परियोजनाओं के अंतर्गत राज्य के विद्यालयों के भवनों की स्थिति का सही-सही आकलन किए जाने के लिए उनकी जीपीएस मैपिंग करवाई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के कुछ चुनिंदा विद्यालयों में पायलट परियोजना के तहत कक्षाओं में कम्प्यूटर शिक्षण के लिए टेबलेट्स की व्यवस्था भी की जाएगी।

म्ांगलवार को शिक्षा संकुल स्थित सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री उप सलाहकार समिति की बैठक पश्चात शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि के महत्ती प्रयास किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अब वर्ष में एक महीना ऎसा होगा जिसे विद्यालय शिक्षा गुणवत्ता माह के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा। इस माह के दौरान विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता के लिए हो रहे प्रयासों का आकलन कर भविष्य की दिशा निर्धारित की जाएगी। शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि विद्यालयों के शिक्षकों को अब अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लेना होगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के विद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण को भी अब उच्च शिक्षा की तर्ज पर उनकी पदोन्नति से जोड़कर क्रियान्वित किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण को उनके एप्रेजल से लिंक करने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें मिलने वाले प्रशिक्षण का व्यावहारिक लाभ विद्यार्थियों को मिले।

प्रो.देवनानी ने बताया कि विद्यालय शिक्षा के अंतर्गत शिक्षा संकुल स्थित परिसर में पृथक से विडियो कॉन्फ्रेन्स स्टूडियो की स्थापना की जा रही है। इससे प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े अधिकारियों से सीधे संवाद के साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता कार्यक्रमों को भी प्रभावी रूप में क्रियान्वित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यह भी निर्णय किया है कि आदर्श विद्यालय के प्रधानाचार्य को मॉडल प्रधानाचार्य बनाकर पंचायत समिति स्तर के विद्यालयों की प्रभावी मोनिटरिंग की जाए। शिक्षा राज्य मंत्री ने शाला दर्पण पोर्टल में शिक्षकों के साथ-साथ लिपिकीय संवर्ग का विवरण भी डाले जाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि इससे विद्यालयों में शिक्षकों की सही-सही स्थिति के साथ ही वहां कार्यरत लिपिकीय संवर्ग के बारे में भी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बैठक मेें आदर्श विद्यालय द्वितीय चरण के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में उत्कृष्ट विद्यालय परियोजना की प्रगति और चुनौतियों पर डॉ. प्रिया बलराम ने प्रस्तुतिकरण दिया।

गुणवत्ता शिक्षा के लिए राज्य की पहल पर श्रीमती तुलिका सैनी ने तथा शाला दर्पण और शाला दर्शन पर श्री विनोद जैन ने अपना प्रस्तुतिकरण दिया। शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव श्री सुनिल कुमार शर्मा ने राज्य में डाईट एवं एसआईईआरटी के सुदढ़िकरण के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया। प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव श्री नरेशपाल गंगवार ने प्रदेश में शिक्षा विभाग की विभिन्न क्रियान्वित योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान में सुनियोजित तरीके से शिक्षा के विकास को गति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री उप सलाहकार समूह की सदस्य श्रीमती उर्वशी साहनी, श्री अरूण कपूर, श्रीमती गौरी ईश्वरन ने शैक्षिक गुणवत्ता संंबधित सुझाव दिए तथा राज्य में हो रहे शैक्षिक उन्नयन कार्यों की सराहना की।

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