शिक्षक संगठनों से सवाल पूछते शिक्षक

शिक्षक संघ Shikshak sangh mang pradarshan dharna

शिक्षक संगठनों से सवाल पूछते शिक्षक

इसमें कोई दो राय नहीं कि पिछले कई दशकों से शिक्षक संगठनों शिक्षकों की समस्‍याओ को लेकर संघर्षरत रहे हैं, लेकिन यह भी देखा जा रहा हैै कि कभी पार्टी तो कभी नेतृत्‍व के नाम पर, कभी स्‍थान विशेष तो कभी अहम् के टकराव को लेकर इन संगठनों की संख्‍या लगातार बढ़ती गई। आज राजस्‍थान में शिक्षकों की बड़ी संख्‍या है।

शिक्षकों की भर्ती और उनकी नौकरी केे प्रकार के आधार पर आज शिक्षक बंटे हुए नजर आते हैं। यह बंटवारा शिक्षक संगठनों में भी दिखाई देता है। ऐसा क्‍यों नहीं है कि एक ही शिक्षक संगठन बने, जिसकी संख्‍या राजस्‍थान के लगभग 3 लाख शिक्षकों के बराबर हो और वे सभी एक स्‍वर में अपनी मांग उठाए, इससे शिक्षकों की आवाज को बल मिलेगा और शिक्षक बेहतर सुविधाएं हासिल कर पाएंगे और दुश्‍वारियों से निजात पाने में मदद मिलेगी।

ऐसा नहीं हो पा रहा है, कहीं कहीं तो लगता है कि सभी अपनी डपली अपनी राग लिए बैठे हैं और इसका फायदा मौजूदा सरकार और शिक्षा प्रशासन को ही अधिक होता है। ऐसे ही ज्‍वलंत प्रश्‍नों को लेकर एक शिक्षक ने शिक्षक संगठनों को ही सवालों के घेेरे में लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऐसे ही एक संदेश को यहां ज्‍योंं का त्‍यों प्रस्‍तुत कर रहे हैं। उम्‍मीद है शिक्षकों को जवाब मिलेगा।


दोस्तों नमस्कार

विभिन्न शिक्षक संघो के आज हो रहे शैक्षणिक सम्मेलनों में इनके कर्ता-धर्ताओ से कुछ सवाल पूछे जाने चाहिए -कि

1.आप शिक्षको को खंड खंड कर विभिन्न संगठनों को क्यों गठित कर शिक्षक समाज को बरगलाने का काम कर रहे हो?

2. शिक्षको को समय पर वेतन 1 तारीख को नहीं मिल पा रहा है इसका समाधान क्यों खोज नहीं पाये?
Ssa मद के सितम्बर माह का भी वेतन भुगतान नहीं हो पाया है दुसरी मदो मे तरफ अक्टूबर माह का हो रहा है यह शिक्षक शिक्षक में भेदभाव क्यों?

3 शिक्षा व शिक्षार्थी के हित में उठाए गए कदम /नवाचार /विचार /सुधार क्या करा पाये या कोई ड्राफ्ट सरकार के सामने प्रस्तुत कर पाए??

4 क्या संगठनों का उद्देश्य केवल राजनीतिक व स्वयं स्वार्थ हित (मनचाही पोस्टिंग, प्ररतिनियुक्ति,) ही रह गया है?

5 पिछले 10 सालों में सम्मेलनों में कौनसे शैक्षणिक सुधार लागू करवा पाये? यदि नहीं तो क्यों? क्या कारण रहे कि सरकारों ने आपके विचारों को स्वीकृति नहीं दी?

6 क्या केवल सरकार पर आरोप लगाने तथा मांग पत्र भेजने से शैक्षणिक सुधार हो जाते हैं?

7 किस संघठन ने राज्य सरकार द्वारा जारी स्कूली पाठयक्रमों तथा पाठ्यचर्या पर समीक्षा /चर्चा की? यदि की गई है तो समीक्षा रिपोर्ट कक्षा, विषयवार, विषयवस्तु वार जारी की जानी चाहिए

8 जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, डाइट कार्यालयों की व्यवस्था जगजाहिर है क्या सुधार हुए?

9 डाइट, Ssa से होने वाली ट्रेनिग तथा rp की भूमिका की स्थिति पर समीक्षा की गई? शिक्षकों के ट्रैनिंग में प्रतिदिन 50रुपये देने से आने जाने का किराया सरकार भुगतान नहीं कर रही हैं। ट्रैनिंग की गुणवत्ता,व्यवस्था, डाइट व Ssa में वर्षो से जमे हुए स्टाफिंग की भूमिका?

10 शैक्षणिक क्षेत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता के नाम पर ngo, विभिन्न फाउंडेशन की भूमिका चिंताजनक है। और शिक्षा जैसे सामाजिक योजना के अहम क्षेत्र में इनकी हस्तक्षेप से शिक्षा निजी क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं और आम जनता के बालकों का भविष्य शिक्षा से दुर होता जा रहा है? इसकी कोई समीक्षा??

11 Rte के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश पर सरकार द्वारा फीस भुगतान करना, सरकारी शिक्षा क्षेत्र कमजोर हो रहा है और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा विभिन्न योजनाओं प्रवेशोत्सव, नामांकन अभियान, शिक्षक भर्ती पर कुप्रभाव पड रहा है। इस पर कोई समीक्षा??

ऐसे कई मुद्दे है जिससे शिक्षा व शिक्षक हित सीधे प्रभावित हो रहे हैं।अतः संगठन धरातल पर उन मुद्दों की पैरवी करे और एक संगठन बना कर राजस्थान में शिक्षा क्षेत्र में ज्योति जलाये। संगठनों को आनलाईन वोटिंग की मांग करनी चाहिए और जिस संगठन को 50 % वोट मिले वही संघठन रहे और शैक्षिक समाज में एकता कायम करें।।

धन्यवाद
विनित
राजस्थान शिक्षक संघर्ष समिति 2012-13,
जिला शाखा बाडमेर


स्रोत : फेसबुक पोस्‍ट

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