रीट : कोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार

court case and Education
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रीट मामले में कोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार, सरकारी वकील नहीं आए कोर्ट

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) का मामला कोर्ट से बाहर नहीं निकल पा रहा है। मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में लगातार पांचवी बार सरकारी वकील कोर्ट नहीं आए। जिसके चलते सरकार और पीडित बेरोजगार पक्ष की ओर से कोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं हो सकीं।

इस बीच कोर्ट ने साफ कह दिया कि यदि अलगी सुनवाई के वक्त सरकारी वकील उपस्थित नहीं हुए तो एकतरफा फैसला सुना दिया जाएगा।

न्यायाधीय मनीष भंडारी की बैंच ने रीट अभ्यार्थियों की ओर से सुनवाई की। इस दौरान सरकारी वकील नहीं आने पर कोर्ट ने सख्त लहजे में सरकार को फटकार लगाई। न्यायाधीश भंडारी ने कहा कि सरकार जानबूझकर सुनवाई के लिए कोर्ट में वकील नहीं भेज रही है, ताकि मामला लटकाया जा सके। इसके साथ ही कोर्ट ने सुनवाई के लिए आगामी तारीख 3 अक्टुबर मुकरर की है। कोर्ट ने साफ कह दिया, यदि नियत आगामी तारीख पर सरकार की ओर से वकील नहीं आने की स्थति में कोर्ट अपना फैसला सुना देगी। दरअसल, आरटेट व सब्जेक्ट सलेक्शन को लेकर रीट 2015 का मामला कोर्ट में मामला चल रहा है। शिक्षकों के 15000 के लिए होने वाली यह भर्ती रुकी हुई है। मामला कोर्ट में जाने के बाद मंगलवार से पहले चार तारीख निकल चुकी है, लेकिन सरकारी वकील कोर्ट ही नहीं पहुंचे।

पीडित बोले सरकार नहीं चाहती मामला सुलझे

पूरे प्रकरण में सरकारी वकील कोर्ट नहीं आने पर बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव ने कड़ा एतराज जताया है। यादव ने बताया कि सरकार भर्तियां करना ही नहीं चाहती, इसलिए कोर्ट में न वकील आते हैं और न ही सरकार कोई सकारात्मक कदम उठा रही है। ऐसे में साफ है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है। अलबत्ता तो सरकार भर्तियां निकालती ही नहीं, उपर से हर भर्ती को कोर्ट में अटका रही है।

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