राज्‍य स्‍तरीय शैक्षिक सम्‍मेलन 2016 शुरू

kota shikshak sammelan Shikshak sangh rashtriya

राज्‍य स्‍तरीय शैक्षिक सम्‍मेलन शुरू : बढ़ी है सरकारी स्‍कूलों की साख

कोटा : राजस्‍थान शिक्षक संघ राष्‍ट्रीय के कोटा में शुरू हुए दो दिवसीय शैक्षिक सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए शिक्षा राज्‍य मंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालय की साख में सुधार हुआ है। आप सबका आभार। आप सबके सहयोग से 15 लाख नामांकन बढ़ा है। उन्‍होंने बताया कि तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द डीपीसी होगी। कोर्ट के निर्णय के बाद तृतीय श्रेणी में अतिशीघ्र ही नियुक्ति होने बाली है।

अपने उद्बोधन में उन्‍होंने बताया कि नामांकन बढ़ने के कारण ही प्रयोगशाला सहायक आदि की प्रक्रिया जारी है।  व्याख्याता कुछ नियुक्त हो चुके है बाकी भी जल्द पदस्थापित होंगे।

मंत्री ने संकेत दिया कि प्रारंभिक शिक्षा के तबादले भी शीघ्र शुरू होंगे, माध्यमिक शिक्षा के बाद अब बारी प्रारंभिक शिक्षा के विकास है।नवम्बर माह में होंगे तबादले की सम्भावना। रीट के लोगों के आने से पहले अवश्य होंगे ये तबादले।

अन्‍य महत्‍वपूर्ण बिंदू

  • 5 वीं कक्षा की होगी बोर्ड परीक्षा, दूसरी जगह जाएँगी कॉपी।
  • परिवीक्षा काल एवं कॉउंसलिंग वालों के हटाके नहीं होंगे तबादले। 2013 से पूर्व के हटाये जा सकेंगे।
  • 8 वीं बोर्ड के स्थायी हल हेतु शिक्षकों की समस्या को केंद्र के समक्ष 25 तारीख को रखूँगा।
  • लगभग 80-85000 हजार शिक्षकों की पदोन्नति हो चुकी है।
  • सरकार का लक्ष्य न्यूनतम 1 लाख पदोन्नति डीपीसी से है।
  • नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत 8 वीं तक फैल न् करने की नीति में संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी।

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के संबोधन में उभरे बिंदू

  • सरकार द्वारा इतनी डीपीसी करके सराहनीय कार्य किया है, जो पूर्व में कभी नही हुआ।
  • सरकार द्वारा वामपंथी विचार युक्त पाठ्यक्रम परिवर्तित करके भारतीय दृष्टिकोण युक्त पाठ्यक्रम लागू किया जो स्वागत योग्य कदम है।
  • 8th और 5th बोर्ड केवल खानापूर्ति हो रही है। जब तक संसद में प्रस्ताव पारित कराकर इसे पूर्व में आयोजित बोर्ड की तरह नहीं किया जाता तब तक इन बोर्ड परीक्षाओं का विशेष लाभ नहीं दीख रहा। इस हेतु केंद्र और राज्य मिलकर समुचित प्रयास करें ताकि देश और समाज की उन्नति हो सके।
  • सरकार ने द्वितीय श्रेणी वेतन विसंगति जानकार रखी हुई है। इसका समय पर समाधान नहीं करने से एक और केडर बेस्ड संगठन का उदय हुआ है जिनका सम्मेलन 23 अक्टूबर को है। सरकार अति शीघ्र इसे दूर करे।
  • शाला दर्पण और दर्शन के माध्यम से सूचना अपलोड करने का अनावश्यक दबाव संस्था प्रधानों पर बनाया जा रहा है। उच्चाधिकारी शाला दर्पण पर सूचना के बाद भी अलग से तैयार की गयी सूचना मांग रहे है। निदेशालय इन पोर्टल पर सूचना को वैध नहीं मान रहा। जब ये ही करना है तो इन पोर्टल पर लाखों रूपये खर्च का क्या औचित्य है।
  • स्टाफ की कमी के बावजूद न्यून परीक्षा परिणाम के नोटिस जारी किये जा रहे है। सरकार और माननीय मंत्रीजी इस पर पुनर्विचार करे।
  • प्रारम्भिक शिक्षा का स्टाफ की कमी से हालात खराब है। तत्काल नयी भर्ती/रीट/ टेट वालों को लगाया जाये। कोर्ट का फ़ैसला भी आ चुका है। तथा पूर्व में नियुक्त अध्यापकों की वेतन विसंगति/ समस्या का उचित स्तर पर समाधान कराया जाये। सरकार एसपीएल दायर करके इसका जल्द समाधान क्यों नही कर रही।

राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)

टोडारायसिंह : रोजगार एवं श्रम मंत्री सुरेन्द्रपालसिंह टीटी ने कहा कि शिक्षा से ही समाज व देश का विकास सम्भव है। इसके लिए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महती आवश्यकता है। श्रम मंत्री ने यह बात गुरुवार को राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के दो दिवसीय प्रान्तीय शैक्षिक अधिवेशन में कही।

उन्होंने कहा कि देश को विकास की ओर ले जाने व ज्ञान का संचार कर देश को नई दिशा देने का कार्य शिक्षकों को होता है। केन्द्र व प्रदेश सरकार की शिक्षण नीतियों में किए गए सुधार से मिले बेहतर परिणाम में शिक्षक की भूमिका की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने तथा निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। विधायक कन्हैयालाल चौधरी ने कहा शिक्षक न केवल समाज बल्कि देश के भविष्य निर्माता हैं।

विधायक अजीत मेहता ने शिक्षकों के गिरते सम्मान पर चिन्ता व्यक्त जताते हुए  कत्र्तव्य व दायित्वों का निर्वहन करने पर बल दिया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे संघ के प्रदेशाध्यक्ष रामस्वरूप सहारण ने   कहा कि शिक्षक बचेगा तो समाज व देश बचेगा।

मुख्य वक्ता बादल सरोज, प्रान्तीय महामंत्री महावीर, हरिसिंह, नगरपालिकाध्यक्ष संतकुमार जैन, प्रधान शीला मीणा, प्रधान जगदीश गुर्जर, प्रान्तीय सभाध्यक्ष दुर्गाराम मोगा, प्रदेश मंत्री हरपाल मीणा, संरक्षक रईस  अहमद नकवी, प्रदेश प्रतिनिधि रामअवतार चौधरी, जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह, जिला मंत्री लादूराम चौधरी ने विचार व्यक्त किए। इससे पहले संगठन के पदाधिकारियों ने अतिथियों का माल्यार्पण के बाद स्मृति चिह्न सौंपकर सम्मान किया।


राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ

शिक्षक उस दीपक के समान हैं जो स्वयं जलकर समाज को रोशनी प्रदान करते हैं। यह कहना है जिला प्रमुख डॉ.धर्मपाल सिंह जादौन का। गुरुवार को एक कॉम्पलेक्स में राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह उद्गार उन्होंने व्यक्त किए।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि बसेड़ी विधायक रानी सलोतिया ने कहा कि शिक्षक ही समाज देश के विकास की दिशा दशा तय करते हैं। शिक्षक समाज में फैले अंधकार को शिक्षा रूपी रोशनी के माध्यम से दूर करते हैं। हालांकि पिछले कई वर्षों से शिक्षकों को शिक्षा के इतर अन्य कार्यों में लगाने की प्रवृत्ति के चलते ही शिक्षा के स्तर में गिरावट रही है।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक अब्दुल सगीर खान ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाते हुए प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान का संदेश प्रसारित कर स्कूल, गांव, शहर को सुंदर रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बालकों में छुपी प्रतिभा को निखारकर श्रेष्ठ नागरिक के रूप में तैयार करते हैं। इससे पूर्व अतिथियों का माल्यार्पण, साफा पेंच लगाकर जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा, हरिसिंह गुर्जर, चंद्रशेखर शर्मा, दिनेश गुधेनियां, विजय सिंह राठौड़ सहित कई शिक्षकों आदि ने स्वागत किया।

भाजपा के प्रदेश मंत्री जगमोहन सिंह बघेल ने शिक्षकों की महिमा का गुणगान करते हुये कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों की छवि में गिरावट आई है। अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा के लिए सरकारी स्कूलों की बजाय निजी स्कूलों की तरफ रुख कर रहें हैं। इस पर शिक्षकों को चिंतन करने की जरूरत है।

डीईओ स्वेतसिंह मेहता ने शिक्षकों की स्थानीय समस्याओं के समय पर निस्तारण करने का आश्वासन देते हुये शिक्षकों को अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्ण निर्वहन करने का आग्रह किया। समारोह में संघ के प्रदेश पदाधिकारी ओमवीर सिंह पेलावत, हरिसिंह गुर्जर, संजीव श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए।

संघ के जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा ने तबादला नीति लागू कर शिक्षकों प्रबोधकों के तबादले करने एसएसए शिक्षकों का एकमुश्त बजट आबंटन,शिक्षाकर्मियों को स्थाई करने सहित शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त करने,महिला कार्मिकों को चाइल्ड केयर लीव की सुविधा देने स्कूल का समय पूर्ववत करने की मांग की।

शैक्षिक सम्मेलन के दौरान स्थानीय लोक कलाकार नारायण सिंह बेंगनियां ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से समां बांधा उन्होंने कई बेटी बचाओ, सबको पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान जैसे मार्मिक विषयों पर लोक गीतों पर शानदार नृत्य के माध्यम से मनुहारी प्रस्तुति पेश की।

42 प्रतिभाओं का हुआ अभिनंदन

कार्यक्रम में अतिथियों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्राध्यापक परीक्षा में चयनित 18 शिक्षकों सहित जिलें में सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्य,वरिष्ठ अध्यापक शिक्षकों का विभाग में की गई उल्लेखनीय सेवाओं के लिए प्रशस्ति-पत्र, नारियल, सिक्का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया।

SHARE