राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता पद की नियुक्तियों पर रोक

court case and Education
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राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता पद की नियुक्तियों पर रोक

जयपुर : हाईकोर्ट ने राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता पद की भर्ती-2015 की परीक्षा में बाड़मेर के एक परीक्षा केन्द्र से 124 से ज्यादा अभ्यर्थियों के पास होने और एक ही गाइड से 83 प्रतिशत से ज्यादा प्रश्न आने को गंभीर मानते हुए नियुक्तियों पर रोक लगा दी है।

न्यायाधीश एम.एन.भंडारी ने मामले में प्रमुख शिक्षा सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, आरपीएससी सचिव राय पब्लिकेशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह अंतरिम आदेश भवानी सिंह राजपूत कमल मीणा की याचिकाओं पर दिया। याचिकाओं में कहा कि 2232 पदों पर भर्ती निकाली थी।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, राजस्थान लोक सेवा आयोग सचिव व राय पब्लिकेशन को नोटिस जारी चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अब सुनवाई 7 नवम्बर को होगी। न्यायाधीश मनीष भण्डारी ने भवानी सिंह राजपूत व कमल मीणा की याचिकाओं पर यह अंतरिम आदेश दिया।

प्रार्थी पक्ष की ओर से कहा कि राजनीति विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के स्कूल व्याख्याताओं की भर्ती के लिए 16 अक्टूबर 2015 को विज्ञापन जारी हुआ। इसके तहत 2234 पदों के लिए भर्ती हुई और 17 जुलाई व 20 जुलाई 2016 को परीक्षा हुई। प्रार्थीपक्ष ने कहा कि इसमें बाड़मेर के एक केन्द्र से 124 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

परीक्षार्थियों को अंक नहीं बताए जा रहे और संशोधित उत्तर कुंजी भी जारी नहीं की है। रॉय पब्लिकेशन की आेर से उसकी गाइड से 83 प्रतिशत से अधिक प्रश्न आने का दावा किया है। याचिका में परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इन परिस्थितियों के कारण याचिकाकर्ताओं को नुकसान हुआ है और गाइड विशेष का सहारा लेने वालों को फायदा मिला

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