फर्जी अभ्यर्थी बन लाख लेकर दी दो-तीन परीक्षाएं दे चुके आरोपी चचेरे मुन्ना भाई

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फर्जी अभ्यर्थी बन लाख लेकर दी दो-तीन परीक्षाएं दे चुके आरोपी चचेरे मुन्‍ना भाई

उदयपुर : आरएसएम एसएसबी की आेर से हुई पुस्तकालय अध्यक्ष की परीक्षा में पकड़े गए फर्जी अभ्यर्थी मामले में कनिष्ठ लिपिक परीक्षा सहित दो से तीन परीक्षाओं में भी ऐसा फर्जीवाड़ा हो चुका है। डमी अभ्यर्थी ने पूछताछ में कबूला है कि उसने इस परीक्षा से पहले कनिष्ठ लिपिक की परीक्षा भी डमी अभ्यर्थी बनकर दी थी।

बिचौलिया दिनेश विश्नोई उसका चचेरा भाई है, वह खुद ग्रेजुएट है और दो-तीन परीक्षाएं फर्जी अभ्यर्थी बनकर दे चुका है। थानाधिकारी चांदमल के निर्देशन में पुलिस टीम ने दिनेश के जयपुर स्थित किराए के घर पर दबिश दी। दिनेश विश्नोई और सीकर का सुरेन्द्र सिंह दोनों ही फिलहाल फरार हैं।

डीएसपी भगवत सिंह हिंगड़ ने बताया कि विजयपाल विश्नोई और अनिल विश्नोई को कोर्ट में पेश कर 20 नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है। आराेपी ने पूछताछ में बताया कि उसने नवलगढ़, झूंझुनु के पोद्दार कॉलेज सेंटर पर करीब डेढ़ से दो महीने पहले कनिष्ठ लिपिक की प्रतियोगी परीक्षा दी थी। यह परीक्षा उसने स्वरूप सिंह नाम के युवक के जगह पर दी थी। दिनेश विश्नोई विजयपाल के ताऊ का बेटा है।

विजयपाल के साथ पकड़ा गया अनिल विश्नोई से भी पुलिस को एक प्रवेश पत्र बरामद हुआ है, संदेह है कि वह भी परीक्षा देने आया था। हालांकि वह परीक्षा में बैठा नहीं।

चयन होने पर अभ्यर्थी देता 8 लाख रुपए

पुलिस ने बताया कि सुरेन्द्र सिंह से 8 लाख रुपए में सौदा हुआ था। यह राशि परीक्षा में चयन होने के बाद मिलनी थी। परीक्षा देने पर उदयपुर अाने से पहले उसे बिचौलिए दिनेश ने सात हजार रुपए दिए थे। 8 लाख रुपए में से चार लाख रुपए परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थी और चार लाख रुपए बिचौलिए को मिलते। कनिष्ठ लिपिक परीक्षा में भी विजयपाल को डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने के 20 हजार रुपए मिल चुके थे और रिजल्ट आने के बाद चार लाख रुपए मिलते।

कोचिंग के छात्रों के देते चयन होने की गारंटी, बनाते शिकार

आरोपियों ने कबूला कि वे जयपुर कोचिंग सेंटर से पढ़ाई करते हैं। कोचिंग में आने वाले अन्य छात्रों से संपर्क कर उन्हें चयन की गारंटी देते हैं और परीक्षा में उनकी जगह खुद जाते हैं। कुछ रुपयों के लालच में आरोपियों ने इस धोखाधड़ी को धंधा बना लिया है।

फर्जी आधार कार्ड में फोटो विजयपाल और डिटेल सुरेंद्र की

आरोपी संदेह न हो इसलिए आधारकार्ड भी फर्जी तैयार कर लिया। डमी अभ्यर्थी विजयपाल आधारकार्ड की मूल कॉपी साथ लेकर आया था। इस मूल कॉपी पर सुरेन्द्र सिंह की डिटेल लिखी थी, लेकिन फोटो विजयपाल की थी। हालांकि प्रवेशपत्र पर सुरेन्द्र सिंह की फोटो थी जिससे पकड़ में आ गए।

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