प्राइवेट स्‍कूलों की लूट पर अंकुश की तैयारी

vasudev devnani
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प्राइवेट स्‍कूलों की लूट पर अंकुश की तैयारी, शिक्षा राज्‍य मंत्री ने जारी किए निर्देश

बीकानेर। शीघ्र ही राज्‍य सरकार प्राइवेट स्‍कूलों की लूट पर अंकुश के लिए प्रभावी कदम उठा सकती है। शिक्षा राज्‍य मंत्री वासुदेव देवनानी ने अपनी फेसबुक वाल पर स्‍टेटस अपडेट कर निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से की जा रही अनैतिक वसूलियों पर रोक लगाए जाने के संकेत दिए हैं।

मंगलवार को एक के बाद एक जारी किए फेसबुक स्‍टेटस में उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि स्‍कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस, किताबें, ड्रेस, जूते आदि के बारे में प्राइवेट स्‍कूलों को अपनी नीति और रैवेये को बदलना होगा। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि राज्‍य सरकार निजी स्‍कूलों के साथ हैं, लेकिन अभिभावकों और विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है। यहां नीचे उनके स्‍टेटस टैक्‍सट में दिए जा रहे हैं, साथ ही फेसबुक पोस्‍ट की एंबेडेड कॉपी भी पोस्‍ट की जा रही है।

  • निजी विद्यालयों को सत्र प्रारंभ होने के एक माह पूर्व निर्धारित पुस्तकों एवं प्रकाशक के नाम को विद्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करना होगा
  • निजी विद्यालयों को राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हित में जारी मार्गदर्शी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा
  • निजी विद्यालय विद्यार्थियों के लिए निर्धारित की जाने वाली यूनिफॉर्म को न्यूनतम 5 सालों तक बदल नहीं सकेंगे.
  • निजी विद्यालय विद्यार्थियों के लिए अनुशंसित की जाने वाली पुस्तकें,यूनिफॉर्म और सामग्री न्यूनतम 3 स्थानीय विक्रेताओं के पास उपलब्ध होनी चाहिए
  • निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म, टाई, जूते, कॉपियां आदि भी विद्यार्थी अब खुले बाजार से क्रय करने को स्वतंत्र होंगे.
  • निजी विद्यालय CBSE,RBSE ,NCERT के पाठ्यक्रमानुसार पाठ्यपुस्तकों का चयन कर सकेंगे, लेकिन शिक्षण सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित नहीं होगा.
  • राज्य सरकार सबके लिए अच्छी एव गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए राजकीय एव निजी विद्यालयों के साथ है परंतु शिक्षा एव विद्यार्थी हित सर्वोपरि है !
  • मा.मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में शिक्षा विभाग शिक्षा,शिक्षको एव विधार्थियो के हित के लिए निरंतर प्रयासरत है
  • निजी विद्यालयों को राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हित में जारी मार्गदर्शी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा
  • माननीया मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार सबको गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए संकल्पबद्ध है और निरंतर प्रयासरत है
  • निजी विद्यालय विद्यार्थियों के लिए अनुशंसित की जाने वाली पुस्तकें,यूनिफॉर्म और सामग्री न्यूनतम 3 स्थानीय विक्रेताओं के पास उपलब्ध होनी चाहिए
  • विद्यार्थि-अभिभावकों द्वारा मांगने पर पुस्तकों सूची उपलब्ध करानी होगी ताकि विद्यार्थी एवं अभिभावक अपनी सुविधा से खुले बाजार से क्रय कर सके

सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोगों ने इसे समयानुकूल निर्णय बताया तो कुछ ने शंका जताई के व्‍यवहारिक तौर पर ऐसा कैसे संभव हो पाएगा।

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