दिव्यांग की छंटनी या पदावनत नहीं करें : केन्द्र

the department of personnel and training
the department of personnel and training

दिव्यांग की छंटनी या पदावनत नहीं करें : केन्द्र

केंद्र ने कहा है कि कोई सरकारी कार्यालय सेवा के दौरान अशक्तता का शिकार होने वाले किसी दिव्‍यांग कर्मचारी की छंटनी नहीं कर सकता और न ही उसका ओहदा घटा सकता है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने केन्द्रीय लोकसेवा  पेंशन नियमावली, 1972 में संशोधन किया है जिसके तहत ऐसे कर्मियों के सेवा में जारी रहना आसान बनाया गया है। इस तरह के कर्मियों के लिए असमर्थता पेंशन लेना आसान होगा। यह पेंशन तब दी जाती है जब कोई सरकारी ऐसी किसी शारीरिक या मानसिक कमजोरी के चलते सेवा से अवकाशग्रहण कर लेता है जो स्थाई रूप से सेवा के लिए उसे असमर्थ बना देती है।

हाल में संशोधित पेंशन नियमावली कहती है, “अशक्तता ग्रहण करने वाले किसी सरकारी कर्मी का मामला, जहां अशक्तता वाले व्यक्ति  समान अवसर, अधिकार एवं पूर्ण साझेदारी  अधिनियम, 1995 :1996 का 1 की धारा 47 का प्रावधान लागू होता हो, का संचालन उपरोक्त धारा के प्रावधानों के तहत होगा” अधिनियम की धारा 47 कहती है कि “कोई प्रतिष्ठान ऐसे कर्मी को नहीं हटाएगा या ओहदा नहीं घटाएगा जो सेवा के दौरान अपंग हो गया हो।” यह सरकारी विभागों के लिए यह भी अनिवार्य करती है कि ”किसी व्यक्ति को महज उसकी अशक्तता के कारण” पदोन्निति से वंचित नहीं किया जा सकता।

SHARE