डूंगरपुर : स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करेंगे बीएड के छात्र

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डूंगरपुर : स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करेंगे बीएड के छात्र

डूंगरपुर : राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के नए प्रावधानों में अब एसटीसी(डीएलएड) और बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश विद्यार्थियों को अब इंटर्नशिप करना होगा। इसके लिए प्रत्येक जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान(डाइट) को गाइडलाइन जारी कर स्कूल स्थानबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। इस इंटर्नशिप कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभ सरकारी स्कूलों को मिलेगा। जहां पर पद रिक्त होने से कोर्स अधूरा रहता है।

वहां पर बेसिक पाठ्यक्रम के साथ ही बच्चों का अधूरा पाठ्यक्रम पूरा कराया जाएगा। जिसमें इस पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए अंक दिए जाएगे। जिसका पूरा अधिकारी संबंधित स्कूलों के संस्थाप्रधान के पास होगा। एसटीसी में प्रथम वर्ष वाले बच्चों को 4 सप्ताह का अपने गृह जिले के स्कूल में रहना होगा। वही द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 16 सप्ताह का स्कूल कार्यक्रम तय किया गया है।

प्रथमवर्ष के विद्यार्थियों के लिए : इंटर्नशिपशिड्यूल में प्रथम वर्ष प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों डीईओ और बीईईओ से गठित कमेटी के आधार पर अपने गृह जिले की स्कूल में जाना होगा। जिसमें कक्षा 1 से 5 तक के लिए 24 दिन/ 4 सप्ताह स्कूल में जाना होगा। जिसमें 48 अंक मिलेंगे जो उस स्कूल के संस्थाप्रधान देंगे। जिसमें बच्चों को अध्ययन कराना होगा।

द्वितीयवर्ष के विद्यार्थियों के लिए:द्वितीयवर्ष इंटर्नशिप कार्यक्रम में विद्यार्थियों को 16 सप्ताह सरकारी स्कूल में जाना होगा। जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को अध्ययन कराना होगा। जिसका अलग-अलग अंक निर्धारण होगा। जो संबंधित संस्थाप्रधान देगा। इस अध्ययन कार्य में पाठ्यपुस्तकों का विश्लेषण सहित सभी शिक्षण पुस्तकों का अध्ययन कराना होगा।


दोहरा लाभ मिलेगा

एमबीबीएसके तर्ज पर एसटीसी विद्यार्थियों को स्कूल में भेजने का दोहरा लाभ मिलेगा। एक ओर सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक स्तर की वृद्धि होगी। स्टाफ कम होने से अधूरा पाठ्यक्रम भी पूरा होगा। शिक्षक विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का पूरा ज्ञान मिलेगा। जिससे उनका प्रेक्टिकल नॉलेज बढ़ेगा।

-डॉ.हितेश भट्ट, कार्यवाहक प्रधानाचार्य डाइट, डूंगरपुर


एसटीसीबच्चों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम तैयार करने का शिड्यूल चुका है। इसके लिए डीईओ प्रा.और डीईओ मा.के साथ मिलकर कमेटी का शीघ्र गठन होगा।

-महिपालसिंह चौहान, प्रभागाध्यक्ष बीएसटीसी डाइट, डूंगरपुर

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