डूंगरपुर : आधार कार्ड नहीं बना, अटकी छात्रवृत्ति

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डूंगरपुर : आधार कार्ड नहीं बना, अटकी छात्रवृत्ति

डूंगरपुर में 34 हजार विद्यार्थियों को अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिली है। इन सभी के बैंक एकाउंट आधार नंबर से नहीं जुड़े है। हाल ही में आधार की अनिवार्यता ने इन बच्चों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। यह सभी बच्चे कक्षा 9 से 12वीं तक अध्ययनरत है।

राज्य सरकार की ओर से बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ देने के लिए सीधे बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने का प्रावधान किया गया है। जिसमें पिछले तीन वर्ष से सीधे बैंक खातों में सभी बच्चों की छात्रवृत्ति दी जाती है। इस वर्ष से अब बच्चों को इन बैंक खातों के साथ आधार कार्ड की सीडिंग भी अनिवार्य कर दी गई है। जिससे छात्रवृति में हो रहे फर्जीवाड़े को रोका जा सके है। ऐसे में बैंक खाता,आधार कार्ड और सीडिंग के कारण स्कूलों में परेशानी हो रही है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है। इस ऑनलाइन पोर्टल में आधार कार्ड नंबर और बैंक खाता नंबर की एंट्री अनिवार्य कर दी है। ऐसे में स्कूल के प्रधानाचार्य के पास बच्चों के आधार कार्ड और कई बच्चों के बैंक खाते ही उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों के प्रधानाचार्य के बैंक खाते खोलने,आधार कार्ड और सीडिंग की लगातार समस्याएं रही है। इन समस्याओं को प्रशासन और लीड बैंक मैनेजर के समक्ष रखा जाएगा। जिससे बच्चों को शीघ्र समाधान होगा।

प्रकाश शर्मा, एडीईओ माध्यमिक


तीन तरह से हो रही परेशानी, जिनके बिना लाभ नहीं

आधारकार्ड

सरकारीस्कूलों के प्रधानाचार्य के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बच्चों के आधार कार्ड बनवाना है। फिलहाल 15379 बच्चों के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है। किसी भी गांव में आधार कार्ड बनाने का कोई व्यवस्था नहीं है। अटल सेवा केंद्र पर ई-मित्र पर आधार कार्ड नहीं बना रहे है। जिन पंचायत समिति में आधार कार्ड बनाए जा रहे है वे तय शुल्क 50 रुपए की जगह 200 रुपए शुल्क मांग रहे है। जिससे उन्हें आधार कार्ड बनाने में सबसे बडी परेशानी हो रही है।

 बैंक खाते

जिले भरमें 12978 विद्यार्थियों के पास किसी भी प्रकार का बैंक खाता उपलब्ध नहीं है। प्रधानाचार्य की ओर से गांव की राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलना के आदेश है। स्कूल का जिस बैंक में खाता है वहां पर काम का लोड ज्यादा होने के कारण खाते समय पर नहीं खोले जा रहे है। वही गांव की दूसरी बैंक विद्यार्थियों के खाते खोलने में आनाकानी कर रही है जिससे प्रधानाचार्य और विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।

सीडिंग

34332 बच्चों के पास आधार कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध है,लेकिन सीडिंग करने की कोई व्यवस्था नहीं है। गांवों में बैंक की संख्या ज्यादा नहीं है। जिससे एक बैंक होने से उनके पास वर्किंग लोड भी ज्यादा है। ऐसे में ये बैंक स्टॉफ नहीं होने का बहाना करके आधार कार्ड की सीडिंग नहीं कर रहे है। वही गांव में मौजूद अटल सेवा केंद्र में आधार कार्ड की सीडिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे इन बच्चों के छात्रवृति के लिए सीडिंग बड़ी परेशानी हो रही है।

79151 कुलपात्र बच्चे है
66173 बैंक खाते रखने वाले बच्चे
63772 आधारकार्ड रखने वाले बच्चे
14431 बच्चोंके आधार कार्ड नहीं
66898 आधारकार्ड से बैंक खाते जुड़े

2300 रुपए तक मिलती है राशि

कक्षा 9 और 10 की छात्रवृति को पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति कहलाती है। यहां पर एसटी बच्चों को प्रति वर्ष 2250 रुपए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से छात्रवृति देय होती है। इसी प्रकार कक्षा 11 और 12 के एसटी वर्ग के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृति के लिए 2300 रुपए प्रति वर्ष देय होती है।

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