जोधपुर : ‘मेक इन इंडिया’ की हवा निकाल रहे तकनीकी महाविद्यालयों के रिक्त पद

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जोधपुर : ‘मेक इन इंडिया’ की हवा निकाल रहे तकनीकी महाविद्यालयों के रिक्त पद

जोधपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया कैंपेन से युवाओं को सक्षम बनने पर जोर दे रहे हैं। देश भर में उच्च व तकनीकी शिक्षा को उन्नत बनाने के लिए विभिन्न आयोजन और कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। वहीं प्रदेश में संचालित 44 तकनीकी महाविद्यालयों में शैक्षणिक व अशैक्षणिक रिक्त पद इस अभियान की हवा निकालते दिखाई दे रहे हैं। इन महाविद्यालयों में विभिन्न पदों पर स्वीकृति होने के बावजूद आज भी कई पद रिक्त चल रहे हैं।

अयोग्य हाथों से हो रही है स्वास्थ्य जांच

इन राजकीय तकनीकी महाविद्यालयों के अधीन संचालित विभिन्न डिग्री और डिप्लोमा कोर्सेज के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अनुसार कई पद स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक ढिलाई के चलते प्राचार्य सहित अन्य कई पद आधे से अधिक खाली हैं। सरकार की ओर से इन रिक्त पदों की भर्ती फिलहाल विचाराधीन है। विभाग के अधीन तकनीकी शिक्षा निदेशालय के 333 प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर के स्तर पर प्रक्रियाधीन है। मंत्रालयिक सेवा संवर्ग और अधीनस्थ सेवा संवर्ग के रिक्त पदों को भरने की अर्थना अधीनस्थ बोर्ड को दी गई है।

स्टाफ की कमी झेल रहे महाविद्यालय

सरकार की ओर से राज्य के कई जिलों में नए महाविद्यालयों को स्वीकृति दी गई। ऐसे में कई नए महाविद्यालय खोले भी गए लेकिन स्टाफ की कमी होने के कारण इन महाविद्यालयों का संचालन ही शुरू नहीं हुआ है। जानकारों ने बताया कि नए नियमों के हवाला दिए जाने के बाद से प्राचार्य पद नहीं भरे जा रहे हैं। वहीं कई महाविद्यालयों में एचओडी ही प्राचार्य का अतिरिक्त पद संभाल रहे हैं। रिक्त पदों के चलते विद्यार्थियों का भी तकनीकी महाविद्यालयों से मोहभंग होने लगा है।

प्रदेश के तकनीकी महाविद्यालयों में ये है स्थिति

पद                   स्वीकृत पद      भर चुके पद         रिक्त पद
प्राचार्य                 44                  13                  31
एचओडी              150                 69                  81
सीनियर लेक्चरर   1204                679                525
अशैक्षणिक स्टाफ   1135                713                422

संभाग में इतने तकनीकी महाविद्यालय हो रहे संचालित

अजमेर- 5
बीकानेर – 5
भरतपुर – 5
जयपुर – 8
जोधपुर – 8
कोटा – 6
उदयपुर – 7


आकर्षण हो रहा कम

तकनीकी शिक्षा से विद्यार्थियों का आकर्षण कम हो रहा है। विद्यार्थियों की कमी के चलते इन महाविद्यालयों से हमने पीएचडी कोर्स भी बंद कर दिए हैं। पिछली सरकार के मुकाबले हमने ज्यादा भर्तियां की हैं। कुछ कॉलेजों में एपॉइंटमेंट प्रक्रिया चल रही है।

कालीचरण सर्राफ, उच्च शिक्षा मंत्री

 

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