जालोर : MDM का SMS : सूचना भेजने से परहेज

shivira shiksha vibhag rajasthan shiksha.rajasthan.gov.in district news DPC, RajRMSA, RajShiksha Order, rajshiksha.gov.in, shiksha.rajasthan.gov.in, Shivira Panchang February 2017, अजमेर, अभिनव शिक्षा, अलवर, उदयपुर, करौली, कोटा, गंगानगर, चित्तौड़गढ़, चुरू, जयपुर, जालोर, जैसलमेर, जोधपुर, झालावाड़, झुंझुनू, टोंक, डीपीसी, डूंगरपुर, दौसा, धौलपुर, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, प्राइमरी एज्‍युकेशन, प्राथमिक शिक्षा, बाड़मेर, बारां, बांसवाड़ा, बीकानेर, बीकानेर Karyalaye Nirdeshak Madhyamik Shiksha Rajisthan Bikaner, बूंदी, भरतपुर, भीलवाड़ा, माध्‍यमिक शिक्षा, मिडल एज्‍युकेशन, राजसमन्द, शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा निदेशालय, शिक्षा में बदलाव, शिक्षा में सुधार, शिक्षा विभाग राजस्‍थान, सरकार की भूमिका, सवाई माधोपुर, सिरोही, सीकर, हनुमानगढ़

जालोर : MDM का SMS : सूचना भेजने से परहेज

स्कूलों के संस्था प्रधान नहीं दिखा रहे रुचि

शिक्षा विभाग के निदेशक ने जारी किए आदेश,मैसेज नहीं भेजने वाले शिक्षकों की बनेगी सूची होगी कार्रवाई

सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बन रहे पोषाहार की मॉनीटरिंग पारदर्शिता लाने के लिए सरकार की ओर से भले ही रोजाना एसएमएस (SMS) करने का सिस्टम लागू किया गया। मगर सॉफ्टवेयर में रजिस्टर्ड स्कूलों में आधे से ज्यादा स्कूलों के संस्था प्रधान इसकी पालना नहीं कर रहे हैं।

शिक्षा सत्र शुरु होने से पहले ही सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बच्चों को पोषाहार दिए जाने के बाद कितने बच्चों ने उपस्थित होकर पोषाहार लिया, उसकी सूचना एसएमएस से दी जाएगी। इसके लिए विभाग ने सॉफ्टवेयर भी तैयार किया हुआ हैं,जिससे स्कूलों में बनने वाले पोषाहार पर विभाग सरकार को सीधी नजर रहेगी।

विभागीय आदेशों के बावजूद चितलवाना,सांचौर रानीवाड़ा ब्लॉक में 100 से ज्यादा स्कूल ऐसी हैं जिनमें बनने वाले पोषाहार की सूचना विभाग को नहीं दी जा रही। संस्था प्रधानों की इस लापरवाही को लेकर विभाग ने अब ऐसे संस्था प्रधानों की सूची तैयार कर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।

30 रुपए मिलते हैं एसएमएस के लिए

एसएमएसव्यवस्था लागू होने के बाद संस्था प्रधानों के सामने सबसे बड़ी समस्या एसएमएस के भुगतान की रही थी। जिसपर विभाग ने 30 रुपया प्रति महीना एसएमएस के लिए अतिरिक्त भुगतान देना शुरु कर दिया था। फिर भी कई स्कूलों के संस्था प्रधान एसएमएस नहीं कर रहे हैं। अब विभागीय रिपोर्ट तैयार होने के बाद पता चलेगा कि कितने संस्था प्रधान मैसेज नहीं भेज रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पोषाहार व्यवस्था में होने वाली धांधली रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गाइडलाइन जारी की गई थी। इसी के तहत यह आदेश जारी कर अमल में लाने के आदेश जारी किए गए हैं।

मैसेज नहीं भेजने वाले संस्था प्रधानों के खिलाफ होगी कार्रवाई

पोषाहार का एसएमएस नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के निदेशक ने डीईओ को आदेश जारी किए हैं जिसमें बताया कि जो संस्था प्रधान अपनी स्कूलों से पोषाहार का एसएमएस नहीं कर रहे हैं,उनको चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। ऐसे संस्था प्रधानों को पहले नोटिस देने की कार्रवाई होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग जल्द ही एसएमएस नहीं करने वाले संस्था प्रधानों की सूची तैयार करवा रहा हैं।

ये था मकसद

पोषाहार वितरण मं पारदर्शिता रखने के लिए शिक्षकों को डेली एसएमएस करने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत बच्चों में पोषाहार वितरण करने के बाद एसएमएस के जरिए बच्चों की संख्या और पोषाहार की डिटेल विभाग के पोर्टल पर एसएमएस करना था। विभाग ने ये सिस्टम इसलिए लागू किया क्योंकि पूर्व में किए निरीक्षण के दौरान पोषाहार व्यवस्था में गड़बडिय़ां सामने रही थी। जिसमें कई बार बच्चों की कम उपस्थिति होते हुए भी रजिस्टर में ज्यादा बच्चों को पोषाहार देना बताया


संस्था प्रधानों को पाबंद किया जाएगा

स्कूलोंमें पोषाहार संबंधी जानकारी का एसएमएस रोजाना करने के लिए संस्था प्रधानों को पाबंद किया जाएगा। ऐसा नहीं करने वाले संस्था प्रधानों को नोटिस देने के साथ कार्रवाई की जाएगी।

-मुकेश सोलंकी, एडीईओ, प्रारंभिक शिक्षा, जालोर

SHARE