चित्तौड़गढ़ होगा मॉडल : आंगनबाड़ियां बनेंगी प्री-स्कूल

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चित्तौड़गढ़ होगा मॉडल : आंगनबाड़ियां बनेंगी प्री-स्कूल

चित्तौड़गढ़ : प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्ले स्कूल में तब्दील करने की कवायद शुरू हो गई है। सबसे पहले चित्तौड़गढ़ की सभी आंगनबाडियों को पाठशालाएं बना माॅडल के रूप में पेश करेंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक और चित्तौड़ के पूर्व कलेक्टर डाॅ. समित शर्मा ने सोमवार शाम कलेक्ट्रेट में इस नवाचार के लिए बैठक में यह कहा। उन्होंने कहा कि चलो आंगनबाड़ी के नाम से अभियान चलाकर खिलौना बैंक की शुरूआत की थी। इसकी सफलता के बाद अब आंगनबाड़ी पाठशाला के नाम से प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हंै। मकसद आंगनबाडी केंद्र के बच्चे जब स्कूल में दाखिला लें तो तैयार हों।

टेबल कुर्सी, शिक्षण सामग्री सहित अन्य चीजों के लिए प्रति आंगनबाड़ी आठ से दस हजार रुपए खर्च का अनुमान है। जो जनसहयोग से जुटाएंगे। नप सभापति सुशील शर्मा यूआईटी चेयरमैन निर्मल काबरा ने सहयोग की घोषणा की। कलेक्टर इंद्रजीतसिंह ने कहा कि जिले से सफल होगा। उपनिदेशक लक्ष्मी चारकोटा चरपोटिया ने स्वागत किया।

वरिष्ठ नागरिक मंच अध्यक्ष सर्वोदय साधना संघ के मंत्री नवरतन पटवारी, वरिष्ठ एडवोकेट भंवरलाल शिशोदिया, डा. एएल जैन, अमरकंठ उपाध्याय, नित्यानंद जिंदल, मीरा स्मृति संस्थान सचिव प्रो. एसएन समदानी, एवंत पोखरना, सांवलियाजी मंदिर मंडल आदि का अभियान में सहयोग पर सम्मान किया।

ऐसी होगी आंगनवाड़ी पाठशालाएं

  • बच्चों के बैठने के लिए टेबल, कुर्सी
  • शाला दर्पण के तहत प्रवेश कार्ड तैयार होगा
  • पाठशाला छोड़ने पर बच्चे को रिपोर्ट कार्ड मिलेगा
  • ब्लैक बोर्ड पर पढाई होगी
  • ठहराव पर फोकस होगा
  • उपस्थिति का अंकन होगा
  • बच्चों को बेग, शूज सहित अन्य सामग्री मिलेगी
  • पोषाहार और सृदढ होगा
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