कोटा : अटकी 2024 छात्रों की छात्रवृत्ति

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लापरवाही से अटकी 2024 छात्रों की छात्रवृत्ति, कॉलेजों ने समय से नहीं किया था आवेदनों का सत्यापन

कोटा : छात्रवृत्ति के लिए आए आवेदनों की जांच भी राजकीय महाविद्यालय समय से नहीं कर सके। आखिरी तारीख नजदीक देख बिना गलतियां सुधारे 2024 फार्म सामाजिक अधिकारिता विभाग को भेज दिए गए। जब वहां जांच हुई तो गलतियां पकड़ में आई और इन छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी गई।

अब कॉलेज आयुक्तालय ने कॉलेजों को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द इस गलती को सुधारने के आदेश जारी किए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में आवेदन करने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों को उत्तर मेट्रिक छात्रवृत्ति नहीं मिली। राजकीय महाविद्यालय, कॉमर्स कॉलेज और लॉ कॉलेज के साथ-साथ रामगंजमंडी और सांगोद के इन छात्रों ने जब विरोध प्रदर्शन किया तो मामले की जांच करवाई गई।

गलती को सुधारने के आदेश

इसके बाद पता चला कि 2024 छात्रों के आवेदनों का या तो कॉलेज प्रबंधन की ओर से सत्यापन नहीं किया गया या फिर जो गलतियां थी उन्हें ठीक नहीं किया गया। ऐसे आवेदकों की छात्रवृत्ति विभाग ने रोक दी। मामला जब कॉलेज आयुक्तालय के संज्ञान में आया तो आयुक्त कॉलेज शिक्षा आशुतोष पेडणेकर ने लापरवाह कॉलेजों की फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द इस गलती को सुधारने के आदेश जारी किए।

सबसे ज्यादा मामले राजकीय महाविद्यालय के

कोटा के पांच महाविद्यालयों ने सत्यापन और गलतियां ठीक नहीं करने की लापरवाही की। इसमें सबसे ज्यादा मामले 1846 राजकीय महाविद्यालय के थे, वहीं कॉमर्स कॉलेज के 113, लॉ कॉलेज के 25, राजकीय महाविद्यालय रामगंजमंडी के 30 और राजकीय महाविद्यालय सांगोद के दस छात्रों की छात्रवृत्ति जरा सी लापरवाही के कारण अटकी हुई है।

कॉलेज आयुक्तालय ने इन छात्रों के आवेदनों की दोबारा जांच कर जल्द से जल्द समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों को रुकी हुई छात्रवृत्ति मिल सके।

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