एसटीसी बीएड के अभ्यर्थियों को करवानी होगी स्कूल में पढ़ाई

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एसटीसी बीएड के अभ्यर्थियों को करवानी होगी स्कूल में पढ़ाई

एसटीसी बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को स्कूल में जाकर अध्ययन करवाना होगा। शिक्षकों के रिक्त पदों की मार झेल रहे शिक्षा विभाग में अब नई व्यवस्था शुरु होने के कारण अच्छे दिन आने की उम्मीद की जा रही है। संयुक्त शासन सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किए है।

शिक्षा की गुणवत्ता में रही गिरावट में यह नई पहल काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इसमें बीएड एसटीसी के पहले साल के अभ्यर्थियों को स्कूल में 4 सप्ताह दूसरे वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 16 सप्ताह लगातार नियमित शिक्षक की तरह अध्यापन करवाना होगा।

रिक्त पदों के कारण गड़बड़ाई शिक्षण व्यवस्था को इस नई पहल से काफी संबल मिलेगा। उन अभ्यर्थियों को भी पढ़ाने का अनुभव मिल पाएगा। संबंधित संस्थान में बीएड या एसटीसी कर रहे अभ्यर्थियों को इंटर्नशिप का लाभ मिलेगा। एक विद्यालय में एक अभ्यर्थी की नीति के तहत स्कूल आवंटित किए जाएंगे। बीएड करने वाले विद्यार्थियों को उस विषय के अध्यापक नहीं होने की स्थिति में वह विद्यालय आवंटित किया जाएगा। इस स्थिति में उन्हें अन्य विद्यालय की मांग करनी होगी।

अपने जिले को छोड़कर किसी दूसरे जिले में बीएसटीसी या बीएड कर रहे अभ्यर्थी अपने गृह जिले में भी अध्यापन करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें छूट दी गई है। संस्थाओं को विद्यालय आवंटित करते समय शिक्षार्थियों के हित में दूरी का विशेष ध्यान रखा जाएगा। छात्र की मांग के आधार पर ही उन्हें विद्यालय आवंटित किया जाएगा।

बीएड की ट्रेनिंग कर रहे अभ्यर्थी को उसकी मांग के अनुरूप माध्यमिक एवं बीएसटीसी कर रहे छात्र को प्रारंभिक विद्यालय का आवंटन किया जाएगा। अभ्यर्थी को नियमित शिक्षक की भांति जाकर ही अध्यापन करवाना होगा।

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