उदयपुर : परीक्षार्थियों पर भारी पड़ी बोर्ड की गलती

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उदयपुर : परीक्षार्थियों पर भारी पड़ी राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की गलती

उदयपुर : राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड, जयपुर की गलती परीक्षार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। बोर्ड की गलती से कई परीक्षार्थी रविवार को होने वाली परीक्षा से वंचित रह गए। हुआ यूं कि उदयपुर में बोर्ड की ओर से लैब असिस्टेंट की परीक्षा ही नहीं थी, यहां सिर्फ पुस्तकालयाध्यक्ष की ही परीक्षा है।

फिर भी बोर्ड ने कई परीक्षार्थियों के उदयपुर में लैब असिस्टेंट के सेंटर दे दिए। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय एसएमडी मोती डूंगरी, उदयपुर के नाम से परीक्षार्थियों का सेंटर दिया गया, जबकि यह सेंटर अलवर का निकला।

कोटा से आए नवीन राठौड़ ने बताया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय एसएमडी मोती डूंगरी, उदयपुर में उनका लैब अस्टिटेंट परीक्षा का सेंटर दिया गया। मनोज ने 6 नवम्बर को प्रवेश पत्र निकलवाया था। सुबह से सेंटर की तलाश की, लेकिन सेंटर नहीं मिला। इस पर किसी ने बताया कि हो सकता है सेंटर का नाम गलत हो। जब उन्होंने दोबारा प्रोविजनल ई-प्रवेश पत्र निकाला तो सेंटर अलवर का आया। जबकि उदयपुर में लैब असिस्टेंट परीक्षा का एक भी केन्द्र नहीं है।

इसी तरह मनोज कुमार मीना का सेंटर भी उदयपुर दिया गया। मनोज जयपुर से यहां लैब असिस्टेंट की परीक्षा देने आया। मनोज 7 ने प्रवेश पत्र 7 नवम्बर को निकलवाया था। आज मनोज ने भी नया प्रवेश पत्र निकलवाया तो सेंटर अलवर ही बताया गया।

भरतपुर से परीक्षा देने आए दीपक ने बताया कि 6 नवम्बर को प्रवेशा पत्र निकलवाया था उसमें सेंटर उदयपुर ही था। आज जब सेंटर की उदयपुर में तलाश की तो सेंटर नहीं मिला। पुन: प्रवेश पत्र निकलवाया तो सेंटर अलवर मिला।

बोर्ड की गलती है

अभ्यर्थियों का कहना है कि बोर्ड ने जो प्रवेश पत्र जारी किए थे उनमें सेंटर उदयपुर दिया गया, जबकि यह सेंटर अलवर का था। यहां लैब असिस्टेंट की परीक्षा ही नहीं थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इसकी तैयारी के लिए कोचिंग की, उदयपुर आए और मानसिक परेशान भी हुई है। बोर्ड को उनकी परीक्षा पुन: करानी चाहिए।

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