आधा बीता सत्र, नि:शुल्क साइकिलों का नहीं अता-पता

School girl cycle

आधा बीता सत्र, नि:शुल्क साइकिलों का नहीं अता-पता

बालोतरा। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन को लेकर सरकार व जनप्रतिनिधि बढ़-चढ़ कर दावे करते हैं, लेकिन आधा शैक्षणिक सत्र बीतने के बावजूद 12 हजार 80 बालिकाओं को प्रोत्साहन के रूप में अब भी नि:शुल्क साइकिलों का इंतजार है। वे आज भी ये पहले की तरह ही पैदल विद्यालय पहुंच रही हैं।

बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने प्रदेश सरकार की ओर से कक्षा नवमी में प्रवेशित बालिकाओं को नि:शुल्क साइकिल देने की योजना है। ताकि विद्यालयों में अधिकाधिक बालिकाएं प्रवेश लें, वहीं ड्राप आउट भी रुके। इस पर शैक्षणिक सत्र शुरुआत में नामांकन के आधार पर बालिकाओं के आवेदन भरवाए जाते हैं।

इस वर्ष योजना के तहत जिले की 12 हजार 80 बालिकाओं ने आवेदन किया। इसके बाद इन्होंने महिने भर की अवधि में साइकिल मिलने को लेकर सपना संजोया, लेकिन लाल फीताशाही के चलते वह आधा शैक्षणिक सत्र बीतने के बाद भी बालिकाओं को साइकिलें नसीब नहीं हो पाई हैं।

एेसे में छात्राओं को आज भी पहले की तरह ही पैदल विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। घर से विद्यालय की दूरी अधिक होने पर पैदल आने जाने में समय अधिक लगता है। इसका असर उनकी पढ़ाई पर भी होता है। इसके अलावा असुरक्षा का डर भी सताता है।


नहीं मिली साइकिलें

जिले की बालिकाओं के आवेदन भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक साइकिलें नहीं मिली है।

-ओमप्रकाश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा


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