आंगनबाड़ी केंद्र पूर्व प्राथमिक कक्षाओं की तरह संचालित होंगे -शिक्षा राज्य मंत्री

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आंगनबाड़ी केंद्र पूर्व प्राथमिक कक्षाओं की तरह संचालित होंगे -शिक्षा राज्य मंत्री

शिक्षा राज्य मंत्री प्रो.वासुदेव देवनानी ने कहा कि आंगनबाडी केन्द्र को राज्य में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं की तरह संचालित किया जाएगा। उन्होने कहा कि विद्यालयों में यदि स्थान है तो 31 दिसम्बर तक आंगनबाडी केन्द्रों को वहां पर स्थानान्तरित किया जाएगा।

विद्यालयों में स्थान नही होने की स्थिति में प्रधानाध्यापक उन्हे अपने निर्देशन और मोनिटरिंग में संचालित करेंगे। प्रो. देवनानी बुधावार को यहां शिक्षा संकुल में विभाग की विशेष समीक्षा बैठक में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि शिक्षक उनसे संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आवश्यक रूप से भाग ले, इसे सुनिश्चित किया जाए।

उन्होने कहा कि प्रशिक्षण में भाग नही लेने वाले शिक्षकों का रिकार्ड उनकी ए.सी.आर. में दर्ज किया जाएगा। शिक्षा राज्य मंत्री ने प्रदेंश में शारदे हॉस्टल के अधुरे पड़े निर्माण कार्यो को भी 31 दिसम्बर तक पुरा कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि इसी प्रकार स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों को भी उनके नये निर्मित भवनों में दिसम्बर तक स्थानान्तरित कर दिया जाए।

प्रो. देवनानी ने बैठक में आई.सी.टी. परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होने कहा कि राज्य के विद्यालयों में संचालिर्त आइ.सी.टी. लेब के प्रथम और द्वितीय चरण से संबंधित अपग्रेडेशन के कार्य को 31 दिसम्बर तक पुरा कर लिया जाए। उन्होने विद्यालयों में डिजिटल लनिर्ंग को महत्व देने के साथ ही इस संबंध में प्राचार्यो को जवाबदेह बनाये जाने की हिदायत दी।

अगला शिक्षा सत्र प्रारम्भिक शिक्षा को समर्पित

शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि अगला शिक्षा सत्र प्रारम्भिक शिक्षा के उन्नयन को समर्पित होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है, अगले साल नामांकन में 20 प्रतिशत वृद्धि हो। उन्होने कहा कि राज्य में 0 से 15 नामांकन वाले विद्यालयों को आवश्यकतानुसार मर्ज किया जाएगा। कम नामांकन वाले शाला प्रमुखों के खिलाफ कार्यवाही भी की जायेगी।

उन्होने कहा कि शाला निरिक्षण को चुस्त-दुरूस्त किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्हे अब शाला निरिक्षण की नियमित रिपोर्ट सचिवालय में देनी होगी। उन्होने दीनदयाल ज्योति योजना के तहत विद्युत से वंचित विद्यालयों में बिजली कनेक्षन को प्राथमिकता देने, विद्यालय में जन स्वावलम्बन अभियान के तहत जन संरक्षण व्यवस्था, स्कूलों के रंगरोगन, मनरेगा के तहत स्कूल खेल मैदान निर्माण आदि के कार्य भी करवाये जाने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है, राज्य के विद्यालय गुणवत्ता में सर्वोच्च हो।

शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये लगाया 17 अधिकारियों को

प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए संचालित विभिन्न कार्योक्रमों एवं योजनाओं की प्रभावी मोनिटरिंग के लिए राज्य सरकार ने विभाग में कार्यरत 15 राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को तथा 2 राजस्थान लेखा सेवा के अधिकारियों को प्रभारी अधिकारी बनाया है।

शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने बताया कि लगाये गये ये प्रभारी अधिकारी जिलो में जाकर विभागीय योजनाओं एं कार्यक्रमों के सुदृढीकरण का कार्य करेंगे। उन्होने बताया कि इन प्रभारी अधिकारियों को आवंटित जिलों में महिने में दो दिवसीय भ्रमण करना होगा। इसके साथ ही ये अधिकारी विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करेंगे।

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