सरकार ने 8वीं के लिए नहीं छपवाई अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें, लाखों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर!

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सरकार ने 8वीं के लिए नहीं छपवाई अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें, लाखों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर!

राज्य सरकार ने बोर्ड जैसी 8वीं की प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा के लिए हिन्दी माध्यम की पुस्तकें तो प्रकाशित कर दी, लेकिन अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें नहीं छपवाई गई। इस स्थिति में राज्य के लाखों बच्चों का भविष्य दाव पर है। जबकि दूसरी ओर 10 नवंबर को विद्यार्थियों के फॉर्म जमा करवाने की अंतिम तिथि है, लेकिन अभी तक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने लिंक भी डाउनलोड नहीं किया है।

आठवीं के कैलेंडर अनुसार 20 अक्टूबर से 10 नवंबर तक साइट पर फॉर्म डाउनलोड करने की जानकारी दी गई है। इसकी तिथि आगे बढ़ी या नहीं, इसकी जानकारी भी किसी के पास नहीं है।

राज्य सरकार ने अपने राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर से 8वीं की हिन्दी मीडियम की पुस्तकें ही प्रकाशित कराई। जबकि अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें निजी पब्लिशर्स ने तैयार की हैं। निजी स्कूल संचालक ये पुस्तकें उपयोग करने से भी डर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के पब्लिशर्स पर पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है।

पिछले साल रही परेशानी

पिछले वर्ष भी जिला शिक्षा प्रारंभिक पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को सम्मिलित किया गया था। जबकि कई अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में राजस्थान शिक्षा विभाग की पुस्तकों से भिन्न अध्ययन करवाया जा रहा था।

परीक्षा का कोई औचित्य नहीं

सरकार फेल न करने के कानून में बदलाव नहीं करती तब तक पांचवीं-आठवीं परीक्षा करने से कोई अर्थ नहीं है। इसके बाद ही परीक्षा की उपयोगिता सिद्ध होगी।

– भंवराराम जाखड़, प्रदेश संयुक्त महामंत्री, राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ

टूटेगा आत्मविश्वास

सिलेबस में बहुत सा अंतर है। हमारी किताबें सीबीएसई पैटर्न अनुसार होती हैं। राज्य सरकार के एग्जाम का पैटर्न आरबीएसई रहता है। एेसे में विद्यार्थियों को शत प्रतिशत दिक्कत आएगी। अब यह परीक्षा होगी तो निश्चित अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के अंक कम आएंगे और आत्मविश्वास में कमी आएगी।

– शैलेषनाथ सिंह, उपाध्यक्ष, स्कूल क्रांति संघ

आदेश पालन कर रहे
हम तो विभाग के आदेशों की पालना कर रहे हैं। निजी स्कूल और विद्यार्थियों की समस्या आगे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा देंगे। इस विषय पर कार्य डाइट में देखा जा रहा है। वहां भी बात करुंगा।

– प्रभुलाल पंवार, डीईओ प्रथम, प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय

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