यूजीसी की विवि शिक्षकों के वेतन बढ़ाने को मंजूरी

ugc विश्वविद्यालय अनुदान आयोग The University Grants Commission of India (UGC India) is a statutory body set up by the Indian Union government in accordance to the UGC Act 1956 under Ministry of Human Resource Development, and is charged with coordination, determination and maintenance of standards of higher education.

यूजीसी की विवि शिक्षकों के वेतन बढ़ाने को मंजूरी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की पांच सदस्य कमेटी ने विश्वविद्यालयों कॉलेज शिक्षकों की वेतन बढ़ोतरी के लिए हाइक प्लान की अनुशंसा कर दी है। इस अनुशंसा के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया है।

यदि मंजूरी मिलती है तो इन्हें पहले केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर लागू किया जाएगा। कमेटी की अनुशंसाओं में सेवानिवृत्ति की आयु में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

विश्वविद्यालयों कॉलेजों के शिक्षकों के नए वेतनमान तय करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से 9 जून 2016 में प्रो.वीएस चौहान एक हाइपॉवर कमेटी का गठन किया गया था,जिसे 31 दिसंबर,2016 तक रिपोर्ट यूजीसी को सुपुर्द कर दी थी।

कमेटी में प्रो.पी दुराईसामी, प्रो.रामसिंह, सेवानिवृत्त आईएएस आरसी पांडा तथा एमएचआरडी के ज्वाइंट सेक्रेट्री प्रवीण कुमार भी शामिल थे। बुधवार को यूजीसी ने रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंप दी है।

यदि इसे मान लिया जाता है तो पहले चरण में केंद्रीय विश्वविद्यालय के 30 हजार शिक्षकों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा राज्य सरकार की सहमति के बाद देश की विभिन्न विश्वविद्यालय के चार लाख शिक्षकों को फायदा मिलेगा। इस अनुशंसा के आधार पर निर्णय होता है तो बेसिक वेतन एकेडमिक ग्रेड पे को 2.72 से गुणांक के बराबर भुगतान हो जाए।

सातवें पे कमीशन की जो रिपोर्ट स्वीकार की गई थी, उसमें सिविल सर्विसेज अन्य केंद्रीय कर्मचारियों के नए भुगतान के लिए यह फार्मूला लागू किया गया था। यूजीसी ने देश के 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों को इसके लिए वित्तीय संसाधन बढ़ाने के लिए कहा है।

हालांकि यूजीसी ने अपने इस प्लान में स्टेट यूनिवर्सिटीज को बाध्य नहीं किया है, लेकिन अधिकांश बार जो वेतनमान केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लागू किया जाता है, उसे स्टेट यूनिवर्सिटी के लिए भी राज्य सरकार स्वीकार कर लेती है। इस प्लान के तहत होने वाली वेतन वृद्धि का 30 फीसदी खुद विश्वविद्यालय को वहन करने की सिफारिश की गई है।

नए वेतन को समझाने के लिए उदाहरण के अाधार पर यह कहा जा सकता है कि केंद्रीय विवि के जिस शिक्षक को 43 हजार रुपए बेसिक 10 हजार रुपए एजीपी दी जा रही है, उनका भुगतान 1.44 लाख रुपए प्रतिमाह हो जाएगा, जो वर्तमान में 1.23 लाख रुपए प्रतिमाह है।


विश्वविद्यालय : असिस्टेंट : एसोसिएट : प्रोफेसर

  • केंद्रीय विवि वर्तमान : 50000 : 107000 : 123000
  • केंद्रीय विवि प्रस्तावित : 59000 : 127000 : 144000
  • स्टेट यूनिवर्सिटी वर्तमान : 50112 : 107648 : 109968
  • स्टेट यूनिवर्सिटी प्रस्तावित : 58752 : 126208 : 128928

प्रो.वीएस कमेटी की रिपोर्ट यूजीसी ने एमएचआरडी को साैंप दी है। ये अनुशंसा माने जाने के बाद राज्य सरकार को भी प्रदेश के विश्वविद्यालयों में परंपरा के आधार पर यह वेतनमान लागू करना चाहिए। प्रदेश में विश्वविद्यालयों में घटती शिक्षकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए सेवानिवृति की आयु भी 65 वर्ष होनी चाहिए।

– प्रो.अखिल रंजन गर्ग, पूर्व सिंडीकेट सदस्य, जेएनवीयू


 

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