बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओे योजना में झुंझुनू राष्ट्रीय स्तर का सम्मान

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओे योजना के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए झुंझुनू जिले को मिला राष्ट्रीय स्तर का सम्मान

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओे योजना में झुंझुनू राष्ट्रीय स्तर का सम्मान

नई दिल्ली के प्रवासी भारतीय केन्द्र में आयोजित राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजस्थान के झुंझुनू जिले को ‘‘बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं‘‘ योजना के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी से यह पुरस्कार राजस्थान के झुंझुनू जिला कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार बोरड़ एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री विप्लव ने प्राप्त किया।

उल्लेखनीय है कि ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘‘ कार्यक्रम देश के 161 जिलों में वर्ष 2015 से चलाया जा रहा है, जिनमें राजस्थान के 14 जिले शामिल है। राज्य के उक्त 14 जिलों में झुुंझुनू ने इस कार्यक्रम की सफलता में सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया और देश के शीर्ष दस जिलों में अपनी जगह बनाकर राष्ट्रीय सम्मान हासिल किया है। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद जिला कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार बोरड़ ने बताया कि इस कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, जिला अधिकारियों एवं गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर कार्य किये जा रहे है।

न्यूनतम बाल लिंगानुपात वाली पंचायतों में समुदाय को जागरूक व सक्रिय करने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रमों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ थीम पर साहित्य का वितरण एवं बैठकों का आयोजन किया जाता है। जनसुनवाई एवं रात्री चौपाल के समय बाल लिंगानुपात की विषमता पर विशेष चर्चा की जाती है तथा समुदाय को सक्रिय किया जाता है। विशेष अभियान चलाकर नारी की चौपाल, रैली, प्रभात फेरी आदि गतिविधियों का संचालन प्रत्येक विद्यालय, आगंनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जाकर जागरूकता उत्पन्न की गई। श्री बोरड़ ने बताया कि ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘‘ कार्यक्रम को ग्राम सभा की बैठकों के स्थाई एजेण्ड़ों में शामिल किया गया है। प्रत्येक मंगलवार को जिला कलेक्टर द्वारा रात्री चौपाल एवं जन सुनवाई के समय लिंगानुपात विषमता पर अनिवार्य रूप से विशेष चर्चा की जाती है।

जिले का ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘‘ फेसबुक अकान्उट तैयार कर नियमित रूप से अपडेशन किया जा रहा है।   उन्होंने बताया कि जिले के स्वर्ण जयंती स्टेडियम में ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘‘ अभियान के एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 1.50 लाख लोगों ने एक साथ बेटी बचाने की शपथ ली। इसके अतिरिक्त घर-घर जाकर लगभग 3.5 लाख लोगों को विद्यालयों के माध्यम से शपथ दिलवाई गई। इस कार्यक्रम को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया।

उन्होंने बताया कि ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘’ अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों द्वारा सहभागिता स्थापित करके समूहों का भी सहयोग लिया जा रहा है। इस क्रम में राजस्थान के एकमात्र एस.एच.जी. फेडरेशन अमृता सोसायटी के माध्यम से इसके लगभग 13,500 सदस्यों का एस.एम.एस. के द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संदेश प्रसारित कर जागरूकता उत्पन्न की जा रही है। श्री बोरड़ ने बताया कि बालिकाओं में पढ़ाई के प्रति रूचि पैदा करने एवं प्रतियोगिता की भावना बढ़ाने के लिए जिले की 1.50 लाख बालिकाओं को अमृता सामान्य ज्ञान पहल-2017 किताबों का वितरण किया गया है। जिसके आधार पर जून, 2017 में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर विजेता बालिकाओं को पुरस्कृत किया जायेगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग झुंझुनू के कार्यक्रम अधिकारी श्री विप्लव ने बताया कि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए जन सहयोग के माध्यम से अपना बच्चा, अपना विद्यालय अभियान चलाकर बालिका शिक्षा हेतु जागरूकता उत्पन्न की गई तथा 14 प्रतिशत नामांकन में वृद्धि की गई। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु 5 विद्यालयों की प्रबंधन समितियों को 45 हजार रुपये के नगद पुरस्कार दिये गये। महिला दिवस आदि विभागीय कार्यक्रमों में प्रत्येक ब्लॉक से बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। जिले की समस्त शिक्षण संस्थाओं में बालिकाओं के लिये पृथक से क्रियाशील शौचालय की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं के स्वास्थ्य की दृष्टि एवं मासिक धर्म के समय स्वच्छता के दृष्टिगत सरकारी स्कूलों में तो सेनेटरी नैपकीन का निःशुल्क वितरण किया जाता है। किन्तु निजी संस्थानों में इस प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। अतः निजी शिक्षण संस्थानों एवं अन्य संस्थानों में आवश्यकता पर सेनेटरी नेपकीन उपलब्ध कराने का शुभारंभ किया गया है।

कार्यक्रम में शिरकत करने आए झुंझुनू जिले में बालिका शिक्षा एवं विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली सामाजिक संस्था ’’हिम्मत‘‘ के संरक्षक श्री महेश ठोलिया ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा राज्य सरकार के द्वारा चलाए जा रहे बालिका विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर कार्यान्वयन किया जाता है। उन्हों बताया कि बालिका लिंगानुपात में वृद्धि तथा उनकी शिक्षा के विकास के लिए हमारी संस्था सामुदायिक भावना को बढ़ाने और राज्य एवं लोगों के बीच एक कड़ी का काम कर रही है।

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