पाली : जहां शिक्षक पढ़ेंगे

SHIVIRA Shiksha Vibhag Rajasthan
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पाली : जहां शिक्षक पढ़ेंगे

पाली : शिक्षकों को अब विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जयपुर या बीकानेर जाने की जरूरत नहीं है। विद्यालयों की आईसीटी से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी मण्डल स्तर पर हो सकेगा। इसके लिए राज्य के नौ मण्डलों व तीन जिलों में डिजिटल लर्निंग सोल्यूशन कक्ष (डीएलएसआर) बनाए गए हैं। पाली के बांगड़ स्कूल में बने कक्ष का 5 सितम्बर को मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करेंगीं। इस कक्ष की सुरक्षा के लिए बांगड़ स्कूल के प्रधानाचार्य गजेन्द्र दवे ने अलग से व्यवस्था की है। उन्होंने कक्ष में दो सीसीटीवी कैमरे लगाए हंै। यह पहल सिर्फ पाली मण्डल में ही की गई है।

आपस में कर सकेंगे संवाद

कक्ष में शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों व अधिकारियों से संवाद कर सकेंगे। इसके लिए सभी 12 कक्षों को 2 एमबीपीएस की उच्च क्षमता वाले लिज्ड लाइन इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ा गया है ताकि संवाद में किसी तरह का व्यवधान नहीं आए। प्रोजेक्टर पर दिखाई जाने वाली सामग्री भी बिना रुकवाट के देखे जा सकें।

इन मंडलों में बने हैं कक्ष

पाली के अलावा जयपुर में दो, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, चुरू, अजमेर व कोटा मण्डलों में इन कक्षों का निर्माण किया गया है। झालावाड़, बारां व बूंदी जिले में भी कक्ष बनाए गए हैं। यह सभी कक्ष भी इंटरनेट के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हैं।

30 अधिकारियों को देंगे प्रशिक्षण

इन कक्षों के उद्घाटन से पहले पाली, जालोर व सिरोही के 30 शिक्षा अधिकारियों को दो से पांच सितम्बर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पाली के 12, जालोर के 10 और सिरोही के 8 शिक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण के बुलाया गया है।

मण्डल स्तर पर सुलझ जाएंगी समस्या

हर माह होने वाले दो-तीन आईसीटी और अन्य विषयों के प्रशिक्षण के लिए शिक्षक जयपुर की गोमेट डाइट व सीमेट तथा बीकानेर जाते थे। इसमें समय अधिक लगता था। अब शिक्षकों को लम्बा सफर नहीं करना पड़ेगा। आईसीटी व अन्य विषय की समस्या का समाधान भी वहीं होता था। जो अब मण्डल स्तर पर हो सकेगा।

ये उपकरण लगे हैं कक्ष में

-उच्च क्षमता का प्रोजेक्टर
-दो कैमरे
-एम्लीफायर
-एसी
-साउण्ड सिस्टम


अच्छा होगा प्रस्तुतीकरण

अब वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। विषय विशेषज्ञों की ओर से बेहतर प्रस्तुतिकरण किया जा सकेगा। आईसीटी व अन्य उद्देश्यों की पूर्ति भी हो सकेगी।

भरतकुमार मेहता,
उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा,
पाली मण्डल

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