परीक्षा की तैयारी – 1 दिनचर्या और आयुर्वेदिक उपचार

Board exam preparation

परीक्षा की तैयारी – 1 दिनचर्या और आयुर्वेदिक उपचार

परीक्षा की तैयारी : परीक्षा का दौर शुरू होने वाला है, ऐसे में तैयारी का दबाव भी छात्रों पर बढ़ रहा है। राजस्‍थान शिक्षा न्‍यूज पोर्टल आपके लिए कुछ ऐसे आसान उपचार लेकर आया है जो विद्यार्थियों की स्‍मरण शक्ति को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। एक अध्‍यापक के नाते आप इन्‍हें बच्‍चों को बता सकते हैं और एक अभिभावक होने के नाते आपको परीक्षा दे रहे बालक बालिकाओं को यह उपचार अवश्‍य करवाना चाहिए। इनमें से अधिकांश उपाय दशकों से उपयोग में आ रहे हैं और कारगर सिद्ध हुए हैं। हम में से अधिकांश इन्‍हें जानते हैं, लेकिन परीक्षा की हड़बड़ी में कई बार ये बातें ध्‍यान से बाहर हो जाती हैं, ऐसे में एक बार पुन: इनका स्‍मरण कर लिया जाना उपयोगी रहेगा।

प्रथम उपाय खानपान से

नीचे लिखी चीजों को अपने आहार में शामिल करें और पाएं गजब की याददाश्त।

  • ब्राह्मी- ब्राह्मी का रस या चूर्ण पानी या मिश्री के साथ लेने से याददाश्त तेज होती है। ब्राह्मी के तेल की मालिश से दिमागी कमजोरी, खुश्की दूर होती है।
  • फल- लाल और नीले रंगों के फ लों का सेवन भी याद्दाशत बढ़ाने में याददाश्त बढ़ाने में मददगार होते हैं जैसे सेब और ब्लूबेरी खाने से भूलने की बीमारी दूर होती है।
  • सब्जियां- बैंगन का प्रयोग करें। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व दिमाग के टिशू को स्वस्थ्य रखने में मददगार होते हैं। चुकंदर और प्याज भी दिमाग बढ़ाने में अनोखा काम करते हैं।
  • गेहूं – गेहूं के जवारे का जूस पीने से याददाश्त बढ़ती है। गेहूं से बने हरीरा में शक्कर और बादाम मिलाकर पीने से भी स्मरण शक्ति बढ़ती है।
  • अखरोट – अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स व विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद प्राकृतिक रसायनों को नष्ट होने से रोककर रोगों की रोकथाम करते हैं। इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। रोजाना अखरोट के सेवन से याददाश्त बढ़ती है।

दूसरा उपाय योग के माध्यम से

हाल में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने माना है कि हर बात पर गूगल करने की हमारी फिदरत हमारी याददाश्त के लिए बड़ा खतरा होती जा रही है और इसकी वजह से हमारी याददाश्त पिछली पीढ़ी के मुक़ाबले कम हो रही है ।

दिमाग तेज रखने और याददाश्त बढ़ाने के ल‌िए भूचरी आसन जानिए, इस मुद्रा की सही विधि- इसे करने के लिए सुखासन में यानी पालथी मारकर सीधे बैठें और कमर सीधी रखें। अब हथे‌लियों को ऊपर की ओर करके अपनी जांघों या घुटनों पर रखें। आराम महसूस करें। आंखें बंद करें और गहरी सांस लें व नाक से ही सांस छोड़ें। एक हाथ उठाएं और अंगूठे से ऊपर के होठ को हल्का दबाएं, हथेली नीचे की ओर होनी चाहिए। कोहनी की सीध में उंगलियां हों। अब आंखें खोलें और अपनी छोटी उंगली की ओर देखने का प्रयास करें, बिना पलक झपकाएं। कोशिश करें कि 10 मिनट तक यह अभ्यास कर सकें और फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं।

खान पान में यह ध्‍यान रखें

  • बादाम : 9 नग बादाम रात को पानी में भिगो दें। सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बना लें। अब एक गिलास दूध गर्म करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें। इसमें 3 चम्मच शहद भी डालें। दूध जब हल्का गर्म हो तब पिएं। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न खाएं।
  • कॉफी : जो लोग सुबह कॉफी पीते हैं, वे कॉफी न पीने वालों की तुलना में अधिक फुर्ती से अपने कार्य निपटा लेते हैं। यदि आप दोपहर में भी चुस्त रहना चाहते हैं तो कॉफी का सहारा लें। शोधकर्ताओं के अनुसार, कैफीन मस्तिष्क के उन हिस्सों को क्रियाशील करता है, जहां से व्यक्ति की सक्रियता, मूड और ध्यान नियंत्रित होता है।
  • ब्राह्मी : कमजोर याददाश्त को बुढ़ापे की निशानी माना जाता है, लेकिन बार-बार भूलने की समस्या केवल बूढ़ों के साथ ही नहीं, बल्कि जवान लोगों के साथ भी होती है। ब्राह्मी दिमागी ताकत बढ़ाने की मशहूर जड़ी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस रोज पीना लाभदायक होता है। इसके 7 पत्ते चबाकर खाने से भी याददाश्त बढ़ती है।
  • रोज मेरी तेल : जब भी प्राकृतिक तरीकों से स्मरण शक्ति बढ़ाने की बात होती है, तब रोज मेरी तेल का नाम सबसे पहले आता है। इस तेल को दौनी के पत्तों से निकाला जाता है, जिसमें औषधीय गुण होते हैं। दौनी के पत्तों में मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने के गुण होते हैं। इस वजह से इसे ब्रेन टॉनिक भी कहा जाता है। इसके तेल का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए सदियों से किया जाता रहा है। इसकी तीखी खुशबू की वजह से लोग इसे खाना पकाने के काम में भी लाते हैं। इसकी खुशबू के कारण इसे सुगंध चिकित्सा में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी तीखी खुशबू आपके मस्तिष्क को उत्प्रेरित करती है, जिसकी वजह से आपके दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है।
  • सेब : कम ही लोग जानते हैं सेब में पाया जाने वाला पेक्टिन विशेष फाइबर होता है। यह इम्यून सपोर्टिव प्रोटीन्स के स्तर को बूस्ट करता है। इसलिए दिनभर में एक सेब खाना आपको कई बीमारियों से बचा सकता है। रोज सेब का सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
  • अलसी का तेल : अलसी के तेल में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड्स प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। अलसी का तेल एकाग्रता बढ़ाता है, स्मरण शक्ति तेज करता है और सोचने-समझने की शक्ति को भी बढ़ाता है।
  • अखरोट : अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं और दिन में कम से कम सात अखरोट खाने से बीमारियां हमेशा दूर रहती हैं। साथ ही, कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है। अखरोट स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है। 20 ग्राम अखरोट और 10 ग्राम किशमिश मिलाकर खाने से याददाश्त बढ़ती है।
  • हरी चाय : हरी चाय एक स्वास्थ्यवर्धक पेय है। वैज्ञानिकों को मिले साक्ष्य के अनुसार, यह मस्तिष्क के लिए लाभदायक होती है। वैज्ञानिकों ने इसमें ऐसे रासायनिक तत्व पाए हैं, जो मस्तिष्क की कोशिका के उत्पादन, स्मृति में सुधार के साथ-साथ सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं।
  • दालचीनी : दालचीनी का तेल भी स्मरण शक्ति बढ़ाने में काफी प्रभावकारी होता है। यह तेल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिसकी वजह से आपका मस्तिष्क तेजी से काम करता है। यह तेल दिमाग को ठंडक पहुंचाता है। तनाव को कम करते हुए दिमाग को तेज-तर्रार बनाता है।
  • दही : दही में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज, लवण, कैल्शियम और फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। दही का नियमित सेवन करने से कई लाभ होते हैं। यह शरीर में लाभदायी जीवाणुओं की बढ़ोत्तरी करता है और हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है। इसमें अमीनो एसिड पाया जाता है, जिससे दिमागी तनाव दूर होता है और याददाश्त  बढ़ती है।
  • जायफल : जायफल को अपने विशेष स्वाद और सुगंध के लिए जाना जाता है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। साथ ही, याददाश्त को बेहतर बनाते हैं।
  • तुलसी : तुलसी को हिंदू धर्म में देवी का रूप माना गया है। इसका उपयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है। यह कई बीमारियों में औषधि का काम करती है। रोजाना तुलसी के 2-4 पत्ते खाने से बार-बार भूलने की बीमारी दूर हो जाती है।
  • केसर : केसर एक ऐसा मसाला है जो खाने के स्वाद को दोगुना कर देता है। केसर का उपयोग अनिद्रा दूर करने वाली दवाओं में किया जाता है। इसके सेवन से मस्तिष्क ऊर्जावान रहता है।
  • हल्दी : हल्दी दिमाग के लिए एक अच्छी औषधि है। यह सिर्फ खाने के स्वाद और रंग में ही इजाफा नहीं करती है, बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखती है। इसके नियमित सेवन से अल्जाइमर रोग नहीं होता है। साथ ही, यह दिमाग की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को रिपेयर करने का भी काम करती है।
  • अजवाइन की पत्तियां : यदि आप अपने खाने को अलग फ्लेवर देना चाहते हैं, तो अजवाइन की पत्तियों का उपयोग करें। अजवाइन की पत्तियां शरीर को स्वस्थ और जवान बनाए रखने में मदद करती हैं। दरअसल, अजवाइन की पत्तियों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसीलिए यह दिमाग के लिए औषधि की तरह काम करती हैं। यही कारण है कि अरोमा थेरेपी में भी इसका उपयोग किया जाता है।
  • काली मिर्च : काली मिर्च में पेपरिन नाम का रसायन पाया जाता है। यह रसायन शरीर और दिमाग की कोशिकाओं को रिलैैक्स करता है। डिप्रेशन में यह रसायन जादू-सा काम करता है। इसीलिए यदि आप अपने दिमाग को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो खाने में काली मिर्च का उपयोग करें।
  • दालचीनी : अल्जाइमर रोगियों के लिए दालचीनी एक जबरदस्त दवा है। दालचीनी के नियमित सेवन से याददाश्त बढ़ती है और दिमाग स्वस्थ रहता है।
  • रोज सेब का सेवन करना भी स्मरण शक्ति के लिए बहुत फायदेमंद है
  • एक गाजर और पत्ता गोभी के 10-12 पत्ते काट लें। इस पर हरा धनिया काटकर डाल दें। फिर उसमें सेंधा नमक, काली मिर्च का पावडर और नीबू का रस मिलाकर खूब चबा-चबाकर खाया करें।
  • भोजन के साथ एक गिलास छाछ भी पिया करें।

विद्यार्थियों के लिए विशेष

  • रात को पढ़ाई करते समय आधे-आधे घंटे के अंतर पर आधा गिलास ठंडा पानी पीते रहें। इससे जागरण के कारण होने वाला प्रकोप नहीं होगा। वैसे 11 बजे से पहले सो जाना ही ठीक होता है।
  • लेटकर या झुककर नहीं पढ़ना चाहिए। रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर बैठना चाहिए। इससे आलस्य या निद्रा का असर नहीं होगा और स्फूर्ति भी रहेगी।
  • सुस्ती महसूस हो तो थोड़ी चहल-कदमी कर लिया करें। नींद भगाने के लिए चाय या धूम्रपान का सेवन न करें।

मानसिक व्‍यायाम द्वारा

  • दिमाग तेज करने के लिए मेंटल एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है। वैसे तो दिमाग हर वक्त काम करता रहता है, लेकिन दिमाग को जटिलताओं में भी सहज रहने की आदत विकसित करने लिए मेंटल एनालेसिस, ब्रेन प्रेक्टिस, पजल गेम सॉल्व करें।
  • इसके लिए एक जानकारी को दूसरे से कनेक्ट करने की कोशिश करें और उनका गहनता से चिंतन करें। विद्यार्थियों के लिए ये तकनीक बहुत मददगार है।
  • सुडोकु और शतरंज जैसे खेल खेलें
  • एक और बेहतरीन विधि है , दीवार पर एक बिंदु बनाइये और इसे बिना पलकें झपके देखते रहिये , इस प्रयोग को समय मिलते ही दोहराइए | एकाग्रता के साथ स्मरण शक्ति भी बढ़ेगी|
  • योगा और मेडिटेशन से ब्रेन को पर्याप्त ऑक्सीजन और खून मिलता है, जिसका सीधा असर मैमोरी पर पड़ता है और आपकी याददाश्त तेज होती है। दिमाग हर वक्त एक्टिव रहता है। इसे तभी आराम मिलता है, जब आप सोते हैं।
  • अपने दिमाग को आराम देने और नई ऊर्जा के लिए आपको एक दिन में 7-9 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। इससे आपका दिमाग ज्यादा कुशलतापुर्वक काम कर पाएगा।
  • दिनचर्या : सुबह का टहलना, सूर्योदय से पहले उठना, पेट साफ़ रखना, तनाव से मुक्त रहना आदि छोटी छोटी बातों से आप अपनी स्मरण शक्ति बढ़ा सकते हैं।
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