जोधपुर : भुगतान के फेर में अटकी अंकतालिकाएं

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जोधपुर : भुगतान के फेर में अटकी अंकतालिकाएं

जोधपुर : जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय प्रशासन की अदूरदर्शिता का आलम यह है कि संबंधित ठेका फर्म को भुगतान नहीं किए जाने का परिणाम विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। विवि के कई परीक्षा परिणाम तीन माह पूर्व जारी किए जा चुके हैं, बावजूद इसके किसी भी संकाय में विद्यार्थियों को अंकतालिकाओं का वितरण नहीं किया गया है।

भविष्य को लेकर चिंतित विद्यार्थी संकायों व मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। विश्वविद्यालय के 7 संकायों में संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर में अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थी अंकतालिकाओं के इंतजार में हैं।

विद्यार्थियों ने बताया कि अंकतालिकाएं जारी नहीं होने के कारण वे आगामी परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य कोर्सेज में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। समस्या को लेकर विद्यार्थियों ने अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन उन्हें आश्वासन देकर टाल दिया गया। विवि की प्रवेश प्रक्रिया पहले ही देरी से शुरू हुई थी। छात्रसंघ चुनाव के चलते आनन-फानन में कई परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए थे। अब अंकतालिका वितरण में देरी कोढ़ में खाज का काम कर रही है।

पुनर्मूल्यांकन परिणामों में भी देरी

कई परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन के फॉर्म भी जमा करवाए। यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। विवि के प्रावधान के अनुसार एक माह के भीतर पुनर्मूल्यांकन के परिणाम जारी किए जाने चाहिए, लेकिन यह अवधि पूर्ण होने के बाद अभी तक किसी भी विषय के पुनर्मूल्यांकन के परिणाम जारी नहीं हुए हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि इस संबंध में जब उन्होंने पूछताछ की तो यही जवाब मिला कि अभी तक उत्तरपुस्तिकाएं भेजी ही नहीं गई हैं।

कुलसचिव का कार्यभार वित्त नियंत्रक पर

जून माह में विवि के पूर्व कुलसचिव जीएस चारण का तबादला होने के बाद यह कार्यभार वित्त नियंत्रक ही संभाल रहे हैं। विवि पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इस पर वित्त नियंत्रक के पास अतिरिक्त कार्यभार होने से आवश्यक कार्य बाधित हो रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अमूमन वित्त नियंत्रक को प्रशासनिक अनुभव कम होता है। इस वजह से यह कार्यभार किसी अन्य अधिकारी को सौंपा जाना चाहिए।


अंक तालिकाओं का वितरण जल्द ही किया जाएगा। बाकी मुझे इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं है।

– हीरालाल मीणा, सहायक कुलसचिव

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