कोटा : पोषाहार, बच्चों का निवाला निगल रहा ठेकेदार

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कोटा : बच्चों का निवाला निगल रहा ठेकेदार

कोटा : राशन की दुकानों के गेहूं में घालमेल के बाद बुधवार को एक सरकारी स्कूल के पोषाहार में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ठेकेदार गेहूं और चावल के  50 किलो के कट्टे से 10 से 15 किलो पार कर रहा था।

इस हिसाब से प्रत्येक माह सरकारी स्कूलों में गेहूं और चावल की आपूर्ति में बड़ा घालमेल किया जा रहा था। सीधे तौर पर बच्चों के निवाले पर ठेकेदार डाका डाल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। इससे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

डीसीएम क्षेत्र के गोविंद नगर स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में बुधवार सुबह 10 बजे पोषाहार का गेहूं और चावल आपूर्ति करने के लिए लोडिंग टेम्पो पहुंचा। ठेकेदार के श्रमिक जब स्कूल में कट्टे उतार रहे थे। इस दौरान पार्षद  गिरिराज महावर को सूचना मिली की कट्टों में गेहूं और चावल कम लग रहा है।

पार्षद ने मौके पर पहुंचकर एक दर्जन कट्टों का वजन करवाया तो 10 से 15 किलो तक गेहूं और चावल कम पाया गया, जबकि कट्टे पर 50 किलो की पैकिंग का टैग लगा हुआ था। प्रधानाध्यापिका अंजू जागीरवाल  बुधवार को अवकाश पर थी। अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में कट्टे उतारे जा रहे थे। तभी पार्षद वहां पहुंच गए, उन्होंने कट्टों का वजन करवाया तो यह पोल खुल गई।

चल रहा बड़ा घालमेल

यह तो एक स्कूल की जांच में गड़बड़ी का मामला है। पोषाहार ठेकेदार  के अधीन कोटा व बूंदी जिले के स्कूल शामिल हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना घालमेल हो रहा है।

ब्लैकलिस्टेड है

सूत्रों ने बताया कि ठेकेदार को पहले ब्लेक लिस्ट कर रखा है, उसने फर्म बदलकर ठेका ले लिया। ठेकेदार द्वारा स्कूलों में पोषाहार कम तोलने की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन इसे बदला नहीं जा रहा।

इलेक्ट्रोनिक कांटे से करवाया वजन

इलेक्ट्रोनिक कांटा मंगवाकर गेहूं व चावल के कट्टे तुलवाए। 50 किलो के कट्टे में 10 से 15 किलो कम निकला। पार्षद ने जिला शिक्षा अधिकारी व रसद अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। दोपहर बाद जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय से पोषाहार प्रभारी देवलाल गोचर स्कूल पहुंचे और मामले की जांच की।


ये बोले जिम्मेदार

ये तो हर बार ही कम देकर जाते हैं। तोलने की कहते हैं तो बिना खाद्यान्न दिए जाने की धमकी देते हैं। पोषाहार न लें तो बच्चे भूखे रहेंगे । कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।

कविता गोयल, कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका


पोषाहर के कट्टे एफसीआई हरियाणा से सील पैक आते हैं। जैसे कम्पनी से आते हैं, वैसे ही स्कूलों में डाल देते हैं। पोषाहार को तोल कर ही देते हैं।

सत्यनारायण गुप्ता, कांन्ट्रेक्टर


पोषाहर के कट्टों में तोल में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। जांच के लिए स्कूल गए थे। प्रधानाध्यापिका से जांच रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट जिला कलक्टर को भेजेंगे। कार्रवाई जिला कलक्टर ही करेंगे।

देवलाल गोचर, पोषाहर प्रभारी


गोदाम से पूरा वजन कर अनाज दिया जाता है। ठेकेदार स्कूल डिस्ट्रीब्यूशन के हिसाब से इन्हें अलग करता है।

रविकांत मीणा, प्रबंधक, एफसीआई गोदाम शिवपुरा


शिक्षा विभाग करे कर्रावाई

गेहूं व चावल का सैम्पल करवाते हैं। जांच के बाद आरओ कटवाते हैं। कट्टों में पोषाहार कम निकलने पर कार्रवाई की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है।

मुरलीधर प्रतिहार, डीएसओ

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