करौली : मदरसों में शीघ्र सुविधाओं का होगा विस्तार

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करौली : मदरसों में शीघ्र सुविधाओं का होगा विस्तार

करौली : मदरसोंमें उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शीघ्र सुविधाओं का विस्तार होगा। जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों से बडे मदरसों में आवश्यकता वाले संसाधन सामग्री के प्रस्ताव मांगे हैं। सुविधाओं के लिए संसाधनों की उपलब्धता कराने के लिए पर्याप्त बजट राज्य सरकार से स्वीकृत कराया जाएगा।

यह बात राजस्थान मदरसा बोर्ड की चेयरमैन महरून्निशा टाक ने बुधवार को धौलपुर से सवाईमाधोपुर जाते समय यहां सर्किट हाउस में विश्राम के दौरान पत्रकारों से चर्चा में कही।

बोर्ड चेयरमैन टाक ने कहा कि राज्य सरकार मदरसों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए गंभीर है। उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वस्थ्य माहौल तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री की मंशानुरूप मदरसों को विकसित किया जाएगा। मदरसों में नामांकन वृद्धि के साथ पैराटीचर्स की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा।

उन्होंने मदरसों में सभी व्यवस्थाऐं कम्यूटरीकृत करने पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा हिन्दी और अंग्रेजी में दिलाने के लिए भरपूर प्रयास करने की बात कही। पैराटीचर्स के मामले में उन्होंने कहा कि वर्तमान में पैराटीचर्स की कमी है। कई ऐसे मदरसे भी हैं,जहां खुद शिक्षक नहीं आना चाहते या फिर नदारद रहते हैं। ऐसे में सख्ती से कदम उठाए जाएंगे। जिन जगहों में शिक्षकों की कमी है,वहां टीचर्स की नियुक्ति की जाएगी। क्योकि ना तो जमीन की कमी है और ही फंड की।

स्थायीकरण के लिए मदरसा पैराटीचर्स ने दिया ज्ञापन

जिलामदरसा पैराटीचर्स संघ ने स्थायीकरण सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बुधवार को मदरसा बोर्ड चेयरमैन महरून्निशा टाक को ज्ञापन दिया। मदरसा बोर्ड को संवैधानिक दर्जा दिलाने की पहल करने, भूमिहीन मदरसों को शीघ्र भूमि दिलाने, पैराटीचर्स का न्यूनतम मानदेय 15 हजार रुपए मासिक करने, इंक्रीमेंट में सालाना वृद्धि 400 से बढ़ाकर 100 रुपए करने, मानदेय माह की दस तारीख तक बैंक खाते में जमा कराने जैसी मांगें पेश की गई।

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