इंटीग्रेटेड कोर्स में डेढ़ गुना तक लगेगी फीस

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इंटीग्रेटेड कोर्स में डेढ़ गुना तक लगेगी फीस

इंटीग्रेटेड कोर्स के नाम पर राज्य सरकार ने स्टूडेंट्स को लूटने की तैयारी कर ली है। क्योंकि कोर्स के लिए सरकार ने 26 हजार 880 रुपए सालाना फीस तय की है। यानी चार साल में बीए या बीएससी के साथ बीएड करने के लिए स्टूडेंट्स को एक लाख 7 हजार 520 रुपए अदा करने होंगे।

जबकि यही कोर्स यदि स्टूडेंट अलग-अलग करे तो पांच साल की बीए-बीएड 75 व बीएससी-बीएड करीब 85 हजार तक में पूरी हो रही है। ऐसे में एक साल बचाने की आड़ में सरकार स्टूडेंट्स पर आर्थिक भार बढ़ाती दिख रही है।

यह है मामला

तीन साल की बीए व बीएससी के साथ दो साल की बीएड में पांच साल का समय लगता है। जिसका तोड़ एनसीटीई ने इंटीग्रेटेड कोर्स के रूप में निकाला है। जिसमें स्टूडेंड 12वीं के बाद प्रवेश लेकर चार में ही बीए व बीएससी के साथ चार साल में बीएड की डिग्री हासिल कर सकते हैं। लेकिन, चार साल के इस कोर्स के लिए सरकार ने  26 हजार 880 रुपए सालाना फीस तय की है। जो कि दोनों कोर्स अलग-अलग करने की फीस से करीब डेढ़ गुना ज्यादा है।

बीएसटीसी का क्रेज

इंटीग्रेटेड कोर्स की फीस ज्यादा है ओर स्नातक व बीएड अलग- अलग करने पर एक साल ज्यादा खर्च करना होगा। ऐसे में शिक्षक बनने का सपना देखेने वाले स्टूडेंट के लिए बीएसटीसी ही सबसे फायदेमंद होगी।

जो 12वीं के बाद अब भी 11 हजार 350 रुपए सालाना फीस में करवाई जा रही है। माना भी जा रहा है कि ग्रेड थर्ड में लेवल-1 शिक्षक अलग करने तथा बीएड को दो साल की करने के बाद अब इंटीग्रेटेड कोर्स के फार्मूले से बीएसटीसी का क्रेज ही बढ़ेगा।

ऐफिलिएशन फीस पर भी विवाद

इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए शेखावाटी यूनिवर्सिटी की ऐफिलिएशन फीस पर भी विवाद गहरा गया है। यूनिवर्सिटी ने बीए- बीएड तथा बीएससी बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स की 50 सीटों के लिए ऐफिलिएशन फीस एक लाख 25 हजार रुपए सालाना तय की है। जबकि बीएड की 50 सीट के लिए कॉलेज संचालकों को अब तक 75 हजार रुपए ही देने पड़ रहे थे। डिग्री कॉलेज संचालकों के लिए भी इंटीग्रेटेड कोर्स महंगा पड़ रहा है।


स्टूडेंट्स की फीस का गणित

बीएसटीसी फीस           11,350
बीएससी व बीएड फीस   85 हजार
इंटीग्रेटेड कोर्स फीस       1.25 लाख
बीए व बीएड फीस       75हजार

ऐफिलिएशन फीस प्रति 50 स्टूडेंट
एमपीएड (दो साल)
                     75 हजार
बीएड- एमएड इंटीग्रेटेड (तीन साल)  1.75 लाख
बीए-बीएड इंटीग्रेटेड-(चार साल)     1.25 लाख
बीपीएड- (दो साल)                    75 हजार
बीएससी- बीएड इंटीग्रेटेड (चारसाल) 1.25 लाख


इंटीग्रेटेड कोर्स से स्टूडेंट्स पर 25 से 35 तथा  शेखावाटी यूनिवर्सिटी की ऐफिलिएशन फीस से कॉलेजों पर 50 हजार रुपए का भार बढ़ गया है। दोनों शुल्क पर सरकार व यूनिवर्सिटी को फिर से विचार करना चाहिए।

नवरंग चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश निजी कॉलेज संघ

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