आबूरोड : कैसे आगे आएंगी प्रतिभाएं

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आबूरोड : कैसे आगे आएंगी प्रतिभाएं

आबूरोड ।  विद्यालय में पढ़ाई के साथ खेलकूद भी शिक्षा नीति का अहम हिस्सा है। खेलकूद के कारण बच्चे वार्मअप होने के साथ कक्षा में पढ़ाई के साथ तरोताजा रहते हैं। जिस विद्यालय में पढ़ाई के साथ खेल की बेहतर व्यवस्था होती है, वहां के बच्चे पढ़ाई में होशियार होने के साथ खेलकूद में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

हाल ही में निम्बज (रेवदर) में हुई जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में चारणिया फली (सांतपुर) की बालिकाओं ने जिले में अपने विद्यालय का नाम रोशन किया। उधर, कई विद्यालयों में खेलकूद की सुविधा नहीं होने के कारण कई छात्र खेल की ललक होने के बावजूद खेल में आगे नहीं पाते। जिसका मुख्य कारण है खेल मैदान व खेलकूद सामग्री की कमी। ब्लॉक में ५३४ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय है, लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा स्कूलों में खेल मैदान की सुविधा ही नहीं है।

खेल मैदान के अभाव में बच्चे इनडोर गेम ही खेलते नजर आते हैं। सरकारी स्कूलों के खेल मैदानों के नियमों को देखा जाए तो माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में खेल मैदान के लिए 8 हैक्टेयर भूमि का प्रावधान है। जबकि, प्रारंभिक शिक्षा में प्राइमरी एवं मिडिल में भी खेल मैदान की अनिवार्यता का नियम लागू है। विद्यालय में खेल मैदान नहीं होने के कारण कई बार तो बच्चे इधर-उधर ही खेलते रहते हैं। ऐसा ही नजारा समीप के सांगणा गांव स्थित  शिक्षाकर्मी प्राथमिक विद्यालय में दिखने को मिला

झाडिय़ों में निखरती है प्रतिभाएं

समीपवर्ती सांगणा के शिक्षाकर्मी विद्यालय में अस्सी बच्चों का नामांकन होने के बावजूद खेल मैदान के पुख्ता प्रबंध नहीं है। विद्यालय प्रांगण में ही खेल मैदान के लिए छोटी सी जगह पड़ी हुई है, जिसके चारों और झाडिय़ा खड़ी है। बच्चे इन कंटीली झाडिय़ों में खेलने को विवश है। ऐसी स्थिति में आदिवासी क्षेत्र की प्रतिभाएं कैसे निखर सकती है। शिक्षक कालूराम ने बताया कि खेल के लिए कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं का भय सताता रहता है।

क्षतिग्रस्त फिसल पट्टी से हादसे का खतरा

विद्यालय में सीमेंट की फिसल पट्टी स्कूल बनने के समय १९९० में बनी थी। बनने के बाद इसके रख-रखवा पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। वर्तमान में यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई पड़ी है। हालांकि बच्चे इस फिसल पट्टी से फिसलने का आनन्द तो लूटते रहते है, पर क्षतिग्रस्त होने से कभी भी हादसे का सबब बन सकती है।

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