अजमेर : खेल वर्ष के रूप में मनाया जाएगा अगला शैक्षणिक सत्र- प्रो. देवनानी

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अजमेर : खेल वर्ष के रूप में मनाया जाएगा अगला शैक्षणिक सत्र – प्रो. देवनानी

अजमेर : शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के निर्देशानुसार राज्य के सरकारी स्कूलों में खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य सरकार अगला शैक्षणिक सत्रा खेल वर्ष के रूप में मनाएगी। ग्रामीण स्कूलों में महात्मा गांधी नरेगा योजना से खेल मैदान तैयार कर प्रतिभाओं को तराशा जाएगा। राज्य के शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति भी आगामी कुछ महीनों में कर ली जाएगी।

शीघ्र होगी शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति

शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने आज आदर्श नगर स्थित मनुहार समारोह स्थल पर शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के जिला स्तरीय अधिवेशन में शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे चाहती हैं कि राजस्थान खेलों के क्षेत्रा में भी आगे बढ़ें इसके लिए स्कूल स्तर से खेल प्रतिभाओं को निखारा जाएगा। राज्य के स्कूलों में खेलों से जुड़ी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। सरकार अगला शैक्षणिक सत्रा खेल वर्ष के रूप में मनाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों में महात्मा गांधी नरेगा के जरिए खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में रिकॉर्ड 83 हजार पदोन्नतियां की गई है। शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया भी आगामी कुछ महीनों में पूरी कर ली जाएगी। हजारों नए पद सृजित किए जा रहे है। शारीरिक शिक्षक स्कूल की नींव होते हैं। वे बच्चों में संस्कार सभा के जरिए संस्कार विकसित करें। बच्चों को योग एवं ध्यान के प्रति सजग करें। राज्य सरकार प्रति वर्ष एक दिन सूर्य नमस्कार दिवस के रूप में मनाएगी।

प्रो. देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे ने जब प्रदेश की कमान संभाली । तब सबसे पहले उन्होंने शिक्षक वर्ग की समस्याओं को दूर करने तथा शिक्षा को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए पूरी गंभीरता से कदम उठाएं । आज सरकार के ढाई वर्षों के कार्यकाल में हम कह सकते है कि राजस्थान में शैक्षिक नवाचारों एवं शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए अभूतपूर्व कार्य किए है।

प्रदेश के गांवों में बच्चों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही 12 वीं शिक्षा एक ही जगह उपलब्ध कराने के लिए आदर्श एवं उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए है। हमने 83 हजार से अधिक शिक्षकों को पदोन्नति दी है। यह कार्य विगत कई दशकों से लम्बित था। मुख्यमंत्री ने जो वादा किया, उसे पूरा भी किया गया

शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि हमने 5 हजार विद्यालय एक साथ माध्यमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नत किए । राजस्थान में 31 हजार से अधिक व्याख्याता, शिक्षक एवं कार्मिकों का नवीन पद स्थापन किया गया। करीब 61 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, राजस्थान के स्कूलों में 8 लाख से अधिक नामांकन बढ़ा है, शिक्षा के अधिकार को और अधिक मजबूत किया गया है, विद्यालयों में प्रबन्धन समिति को स्कूल विकास में सीधी भागीदारी के लिए सशक्त किया गया है, शिक्षकों की भर्ती अब सिर्फ रीट के माध्यम से ही हो रही है।

उन्होंने कहा कि रमसा अभियान में राजस्थान प्रथम स्थान पर है, नये स्टाफिंग पैटर्न से सुदूर गांवों में भी शिक्षक उपलब्ध होने लगे है। हमने 17 साल बाद पंचायतीराज से शिक्षा विभाग में शिक्षकों का पदस्थापन किया है। पाठ्यक्रम को युगानूकूल एवं देशानूकूल बनाया गया है। प्रदेश की 5 लाख बालिकाओं को निशुल्क साईकिल दी गई है। भामाशाहों के माध्यम से स्कूल विकास को प्रोत्साहित किया गया है।

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